July 29, 2026

राजनांदगांव में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बदहाल, 20 बसों में से कई लापता, ई-बस संचालन की तैयारी शुरू

राजनांदगांव। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग की अपील के बीच राजनांदगांव में परिवहन व्यवस्था की जमीनी हकीकत चिंताजनक सामने आई है। शहर में सार्वजनिक परिवहन सेवा लगभग ठप पड़ी हुई है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, करीब 10 साल पहले शहर में लोगों को सस्ती और सुविधाजनक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से 20 बसें खरीदी गई थीं। शुरुआती दौर में कुछ बसों का संचालन भी हुआ, लेकिन संचालन में अनियमितताओं और प्रशासनिक लापरवाही के चलते सेवा धीरे-धीरे ठप हो गई।

कोरोना काल के बाद चल रही बसें भी पूरी तरह से बंद हो गईं और अब अधिकांश बसों का कोई अता-पता नहीं है। जांच में सामने आया है कि करीब आधा दर्जन बसें नया बस स्टैंड परिसर में खड़ी हैं, जबकि दो बसें पाताल भैरवी मंदिर के पास हाईवे किनारे देखी गई हैं। अन्य बसों की स्थिति स्पष्ट नहीं है।

सूत्रों के अनुसार, इन बसों का संचालन जिला अर्बन कमेटी की देखरेख में होना था, लेकिन वर्तमान में कमेटी के पास भी बसों को लेकर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस गंभीर लापरवाही पर अब तक न तो कोई जिम्मेदारी तय की गई है और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई हुई है।

इसी बीच प्रशासन द्वारा शहर में ई-बस संचालन की तैयारी की जा रही है, जिससे भविष्य में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को फिर से सुदृढ़ करने की उम्मीद जताई जा रही है।