राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हुए नवनिर्मित रेलवे ओवरब्रिज का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। 26 करोड़ रुपये की लागत से बने इस ओवरब्रिज में सड़क धंसने और दरारें आने के बाद सांसद संतोष पांडे ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर जोन और नागपुर मंडल के अंतर्गत राजनांदगांव-डोंगरगढ़ रेलखंड पर ग्राम बरगा, आलीवारा और मुसरा के बीच केंद्र सरकार की गति शक्ति योजना के तहत करीब 26 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कराया गया था। इस पुल का लोकार्पण जून माह में हुआ था, लेकिन जुलाई की पहली ही बारिश में इसकी सड़क धंस गई और लंबी दरारें पड़ गईं, जिससे निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए।
घटना के बाद रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) ने मौके का निरीक्षण किया, लेकिन अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
सांसद ने रेल मंत्री को लिखा पत्र
सांसद संतोष पांडे ने मामले को गंभीर बताते हुए रेल मंत्री को भेजे पत्र में उल्लेख किया है कि हाल ही में लोकार्पित ओवरब्रिज में करीब 60 से 70 फीट लंबी और 15 से 20 सेंटीमीटर चौड़ी दरारें आ चुकी हैं, जिससे पुल की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में ओवरब्रिज आवागमन के लिए सुरक्षित नहीं माना जा सकता।
सांसद ने पत्र में आशंका जताई कि बारिश का पानी पुल की नींव तक पहुंचने से मिट्टी धंस गई, जो निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही का संकेत है। उन्होंने रेल मंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।





