July 23, 2026

Rajnandgaon News: बदहाल खेल मैदानों से खिलाड़ियों में निराशा, योजनाओं का नहीं मिल रहा पूरा लाभ

राजनांदगांव।

राजनांदगांव जिले में खेल मैदानों की बदहाल स्थिति और खेल सुविधाओं की कमी खिलाड़ियों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। कई मैदान या तो अतिक्रमण की चपेट में हैं या फिर रखरखाव के अभाव में खेलने योग्य नहीं बचे हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि क्रीड़ा एवं युवा कल्याण विभाग की योजनाओं का लाभ भी अधिकांश खिलाड़ियों तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिल रहा।

योजनाओं का लाभ नहीं मिलने से खिलाड़ी निराश

जिले में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए क्रीड़ा एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से कई योजनाएं संचालित की जाती हैं, लेकिन इनका प्रभाव धरातल पर अपेक्षित रूप से नजर नहीं आ रहा है। खिलाड़ियों का कहना है कि खेल सामग्री, प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति, खेल अधोसंरचना और अन्य प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराई जाती। इसके कारण पात्र खिलाड़ी भी सरकारी सुविधाओं और अनुदान से वंचित रह जाते हैं।

कुछ खेलों तक सीमित रह गई गतिविधियां

स्थानीय खिलाड़ियों का कहना है कि जिले में क्रिकेट, हॉकी और बास्केटबॉल को छोड़ दें तो अधिकांश खेल गतिविधियां लगभग ठप हो चुकी हैं। नियमित प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण शिविरों के अभाव में नई प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर नहीं मिल पा रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में और गंभीर है स्थिति

ग्रामीण इलाकों में खेल मैदानों का विकास, खेल सामग्री और प्रशिक्षकों की कमी खिलाड़ियों के सामने बड़ी समस्या बनी हुई है। खिलाड़ियों का मानना है कि यदि विभाग गांव-गांव तक जागरूकता अभियान चलाए और नियमित प्रशिक्षण शिविर आयोजित करे, तो अधिक संख्या में युवा खेलों से जुड़ सकेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ उठा पाएंगे।

शहर के मैदान भी खेलने लायक नहीं

जिला मुख्यालय के स्टेट स्कूल मैदान, म्युनिसिपल स्कूल मैदान, प्यारेलाल हायर सेकेंडरी स्कूल मैदान, मोतीपुर, नवागांव, लखोली सहित कई प्रमुख खेल मैदान बदहाल स्थिति में हैं। बरसात के दिनों में मैदानों में पानी भर जाता है, जिससे खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित होता है। खिलाड़ियों का कहना है कि यदि समय रहते मैदानों का रखरखाव नहीं किया गया तो आने वाले समय में स्थिति और खराब हो जाएगी।

विभाग का पक्ष

क्रीड़ा एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि खेल कैलेंडर के अनुसार समय-समय पर प्रतियोगिताओं और खेल गतिविधियों का आयोजन कराया जाता है तथा योजनाओं के विस्तार का प्रयास भी किया जाता है। हालांकि विभाग ने माना कि स्टाफ की कमी के कारण कुछ कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं।