May 18, 2026

रामावतार जग्गी हत्याकांड फिर खुला, हाईकोर्ट में 1 अप्रैल को होगी अहम सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केस फिर खुला

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड को एक बार फिर हाईकोर्ट में रिओपन किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बुधवार को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच में मामले की सुनवाई हुई। अदालत ने अंतिम सुनवाई के लिए 1 अप्रैल की तारीख तय की है, जिसमें सीबीआई, राज्य सरकार और अमित जोगी अपना पक्ष रखेंगे।

अमित जोगी ने जताया भरोसा

मामले में अमित जोगी ने कहा है कि वे पूरे आत्मविश्वास के साथ अदालत का सामना करेंगे। उन्होंने कहा कि अब तक ईश्वर उनके साथ रहा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने समर्थकों से प्रार्थनाओं और आशीर्वाद की अपील की।

पहले दोषियों की अपील हो चुकी थी खारिज

करीब दो साल पहले हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने दोषियों की अपील खारिज कर आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की अपील स्वीकार करते हुए मामले को दोबारा हाईकोर्ट भेज दिया, ताकि मेरिट के आधार पर विस्तृत सुनवाई हो सके।

सीबीआई जांच में सामने आए थे बड़े नाम

हत्याकांड के बाद शुरुआती पुलिस जांच पर सवाल उठने के बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया था। सीबीआई ने अपनी जांच में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी समेत कई लोगों पर हत्या और साजिश के आरोप लगाए थे।

2003 में हुई थी हत्या

4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 31 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें से दो सरकारी गवाह बन गए थे। वर्ष 2007 में रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था।

साजिश का आरोप, सबूतों पर सवाल

पीड़ित पक्ष की ओर से सतीश जग्गी ने अदालत में तर्क रखा कि यह हत्या तत्कालीन सरकार की प्रायोजित साजिश थी। उनके वकील ने कहा कि जांच के दौरान सबूतों से छेड़छाड़ की गई, इसलिए केवल सबूतों के अभाव में आरोपियों को दोषमुक्त नहीं किया जा सकता।

कौन थे रामावतार जग्गी

रामावतार जग्गी कारोबारी पृष्ठभूमि से जुड़े थे और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के करीबी माने जाते थे। शुक्ल के एनसीपी में शामिल होने के बाद जग्गी को छत्तीसगढ़ में पार्टी का कोषाध्यक्ष बनाया गया था।

इन आरोपियों को मिली थी सजा

इस मामले में कई आरोपियों को दोषी ठहराया गया था, जिनमें अभय गोयल, याहया ढेबर, वीके पांडे, फिरोज सिद्दीकी, राकेश त्रिवेदी सहित अन्य शामिल हैं।