March 4, 2026

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू: “आदिवासियों की संस्कृति में बसती है छत्तीसगढ़ की आत्मा”

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू आज सुबह बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर पहुँचीं, जहाँ उन्होंने संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम-2026 का शुभारंभ किया। राष्ट्रपति ने कहा कि आदिवासियों की संस्कृति में छत्तीसगढ़ की आत्मा बसती है और बस्तर पंडुम आदिवासियों की गौरवशाली परंपराओं का जीवंत प्रतिबिंब है।

राष्ट्रपति ने बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी के जयघोष के साथ अपने उद्बोधन की शुरुआत की और कहा कि प्रदेश सरकार आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और विरासतों को संरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र की जनजातीय बालिकाओं की शिक्षा पर जोर दिया और समाज, परिवार और शासन से सहयोग की अपील की।

बस्तर में विकास और शांति का संदेश
राष्ट्रपति ने बताया कि बस्तर में पिछले चार दशकों से माओवादी हिंसा के कारण विकास रुक गया था, लेकिन अब सुरक्षा, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का नया सूर्योदय हो रहा है। बंद स्कूल पुनः खुल रहे हैं, सड़कें और पुल-पुलियां बन रही हैं, और लोकतंत्र की मुख्यधारा में लोग जुड़ रहे हैं।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री का संदेश
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि बस्तर पंडुम आदिवासी लोक संस्कृति का उत्सव है, जहाँ नृत्य, गीत, पारंपरिक पहनावा और लोक व्यंजन बस्तर की विविध संस्कृति को प्रदर्शित करते हैं। उन्होंने ढोकरा कला और अन्य जनजातीय शिल्पों को देश-विदेश में लोकप्रिय बताते हुए कलाकारों को सम्मान और आजीविका के अवसर देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर पंडुम केवल आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय जीवन, आस्था, नृत्य-गीत, वेशभूषा, खान-पान और जीवन-दर्शन का प्रतिबिंब है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 12 विधाओं में 54 हजार से अधिक कलाकार ने पंजीयन कराया है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर के युवा हथियार नहीं, बल्कि कला और खेल के माध्यम से अपनी पहचान बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं जैसे नियद नेल्ला नार, प्रधानमंत्री जनमन और धरती आबा अभियान के तहत बस्तर के दुर्गम क्षेत्रों तक सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता का विवरण भी दिया। उन्होंने कहा कि बस्तर को शांति, समृद्धि और संस्कृति का केंद्र बनाना हमारी प्राथमिकता है।

कार्यक्रम का समापन
शुभारंभ कार्यक्रम में कोंडागांव बस्तर पंडुम पर आधारित लघु वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया और कोण्डागांव व बास्तानार के कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। केंद्रीय राज्य मंत्री, उप मुख्यमंत्री, वन मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर और प्रशासनिक अधिकारी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और आमजन उपस्थित थे।