रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के आवास एवं पर्यावरण विभाग ने बिलासपुर हाईकोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रजनी दुबे को छत्तीसगढ़ भू-संपदा अपीलीय अधिकरण (RERA Appellate Tribunal) रायपुर का अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 46 और 47(1) के तहत की गई है।
अधिसूचना के अनुसार, रजनी दुबे का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से अधिकतम 5 वर्ष या 67 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक, जो भी पहले हो, रहेगा। अध्यक्ष पद से संबंधित अन्य सेवा शर्तें शासन द्वारा अलग से निर्धारित की जाएंगी।
क्या है RERA अपीलीय अधिकरण की भूमिका?
भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 का उद्देश्य रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना तथा आवंटियों और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है। इसी के तहत RERA अपीलीय अधिकरण की व्यवस्था की गई है।
अधिकरण का प्रमुख कार्य RERA प्राधिकरण या निर्णयन अधिकारी के आदेश, निर्णय और निर्देशों के खिलाफ दायर अपीलों की सुनवाई करना है। जरूरत पड़ने पर अधिकरण अंतरिम आदेश भी जारी कर सकता है और संबंधित अभिलेख मंगाकर किसी आदेश या निर्णय की वैधानिकता एवं औचित्य की जांच कर सकता है।
सिविल कोर्ट जैसी शक्तियां
RERA अपीलीय अधिकरण को अपने कार्यों के निर्वहन के लिए सिविल न्यायालय के समान कई शक्तियां प्राप्त हैं। इसमें संबंधित व्यक्तियों को समन करना, शपथ पर उनका परीक्षण करना, दस्तावेज प्रस्तुत कराने का निर्देश देना और शपथ-पत्र के माध्यम से साक्ष्य स्वीकार करना शामिल है।
अधिकरण प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुसार कार्य करता है और अधिनियम में अपीलों के यथासंभव शीघ्र निपटारे का प्रावधान किया गया है।
रजनी दुबे की नियुक्ति से छत्तीसगढ़ में रियल एस्टेट से जुड़े विवादों और RERA अपीलों के प्रभावी एवं त्वरित निराकरण को गति मिलने की उम्मीद है। इससे रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ आवंटियों व अन्य हितधारकों के हितों को भी मजबूती मिलने की संभावना है।






