September 4, 2026

RTE Admission 2026: दुर्ग में तीसरी लॉटरी में 156 बच्चों को मिली सीट, अब भी 384 सीटें खाली

दुर्ग। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए तीसरे और अंतिम चरण की लॉटरी निकाली गई। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की मौजूदगी में आयोजित इस प्रक्रिया में 156 बच्चों को निजी स्कूलों में प्रारंभिक कक्षाओं के लिए सीट आवंटित की गई। हालांकि, तीसरे चरण की लॉटरी के बाद भी जिले में RTE की 384 सीटें खाली रह गई हैं।

खालसा पब्लिक स्कूल में आयोजित निजी स्कूलों के समारोह के दौरान गुरुवार को मंत्री गजेंद्र यादव ने बटन दबाकर तीसरे चरण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर, RTE कक्ष प्रभारी राजदीप और विपिन मौजूद रहे।

840 आवेदक लॉटरी में शामिल

तीसरे चरण की लॉटरी में कुल 840 आवेदकों को शामिल किया गया था। इनमें 156 नए आवेदन और 684 ऐसे आवेदक थे, जो पहले की प्रक्रिया में प्रतीक्षा सूची में थे। लॉटरी के बाद 156 बच्चों को स्कूलों में सीट आवंटित की गई।

तीसरे चरण में चयनित बच्चों के प्रवेश के लिए 17 से 27 अगस्त 2026 तक की समय सीमा निर्धारित की गई है। प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन RTE पोर्टल के माध्यम से पूरी की जाएगी।

जिले में कुल 1581 सीटें निर्धारित

RTE के तहत दुर्ग जिले के निजी विद्यालयों में प्रारंभिक कक्षाओं के लिए कुल 1581 सीटें निर्धारित की गई थीं। इसके लिए पहले चरण में लॉटरी निकाली गई थी। पहले चरण की लॉटरी में 1059 बच्चों को स्कूल आवंटित किए गए, लेकिन इनमें से 946 बच्चों ने ही प्रवेश लिया।

पहले चरण के बाद खाली बची सीटों और ड्रॉपआउट बच्चों को मिलाकर दूसरे चरण के लिए कुल 635 सीटें उपलब्ध हुई थीं। दूसरे चरण की लॉटरी में 150 बच्चों को स्कूल आवंटित किए गए।

तीसरी लॉटरी के बाद भी 384 सीटें खाली

पहले और दूसरे चरण में कुल 1041 बच्चों के प्रवेश के बाद जिले में 540 सीटें खाली रह गई थीं। इन्हीं सीटों को भरने के लिए तीसरे और अंतिम चरण की लॉटरी आयोजित की गई।

तीसरे चरण में 156 सीटों का आवंटन होने के बाद अब भी 384 सीटें रिक्त रह गई हैं। विभाग के अनुसार वर्तमान शैक्षणिक सत्र में इन रिक्त सीटों को भरने के लिए यह अंतिम चरण था।