- बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की कमी गंभीर समस्या बनी हुई है।
- ग्रामीण ट्रैक्टर, पिकअप और अन्य मालवाहक वाहनों में सफर करने को मजबूर हैं।
- हाल के दो बड़े हादसों में 50 से अधिक लोग घायल और 2 लोगों की मौत हुई।
- परिवहन विभाग की कार्रवाई के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं।
दरभा में ट्रैक्टर पलटा, 15 लोग घायल
जगदलपुर। 6 अप्रैल को दरभा क्षेत्र में मेले में शामिल होने जा रहे ग्रामीणों से भरा एक ट्रैक्टर पलट गया। वाहन में क्षमता से कई गुना अधिक, 50 से ज्यादा लोग सवार थे। हादसे में 15 ग्रामीण घायल हो गए।
शादी से लौट रहे ग्रामीणों की पिकअप पलटी
जगदलपुर। लोहंडीगुड़ा थाना क्षेत्र के ढाबामारी गांव में शादी समारोह से लौट रही एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गई। वाहन में 45 से अधिक लोग सवार थे। हादसे में 37 लोग घायल हुए, जबकि 2 ग्रामीणों की मौत हो गई।
मजबूरी में जोखिम भरा सफर
ग्रामीण इलाकों में नियमित बस सेवा और सार्वजनिक परिवहन की कमी के कारण लोग अपनी जान जोखिम में डालकर मालवाहक वाहनों में यात्रा करने को मजबूर हैं। ट्रैक्टर और पिकअप जैसे वाहनों का उपयोग लोगों को ढोने के लिए किया जा रहा है, जो किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
कार्रवाई के बावजूद नहीं बदली तस्वीर
परिवहन विभाग और पुलिस समय-समय पर मालवाहक वाहनों में सवारी ढोने के खिलाफ कार्रवाई करते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर आज भी क्षमता से अधिक यात्रियों से भरे वाहन दौड़ते नजर आते हैं।
उठ रहा बड़ा सवाल
लगातार हो रहे हादसों के बाद सवाल उठ रहा है कि आखिर ग्रामीणों को सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन सुविधा कब मिलेगी? हर हादसे के बाद जांच और कार्रवाई की घोषणाएं होती हैं, लेकिन स्थायी समाधान अब भी दूर नजर आ रहा है।





