September 4, 2026

SAIL CMD ने CM साय से की मुलाकात, भिलाई स्टील प्लांट के विस्तार के लिए मांगा सहयोग; रावघाट माइंस की भी समीक्षा

भिलाईनगर। सेल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (CMD) डॉ. अशोक कुमार पंडा ने अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर भिलाई इस्पात संयंत्र के आगामी विस्तार के लिए राज्य सरकार से सहयोग मांगा। इस दौरान उन्होंने रावघाट खदानों का दौरा कर खनन गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की और सेल की ERP आधुनिकीकरण पहल ‘प्रोजेक्ट विहान’ का उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान डॉ. पंडा ने सेल और भिलाई इस्पात संयंत्र के आगामी विस्तार से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उन्होंने राज्य सरकार से परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में आवश्यक सहयोग और समर्थन उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

इस अवसर पर BSP के निदेशक प्रभारी चित्तरंजन महापात्र, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार सहित सेल और भिलाई इस्पात संयंत्र के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव समेत वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात

प्रवास के दौरान सेल CMD ने रायपुर में छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव विकास शील, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन एवं जलवायु परिवर्तन) मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के मुख्य सचिव सुबोध कुमार सिंह तथा मुख्यमंत्री के सचिव एवं वित्त सचिव मुकेश कुमार बंसल से भी मुलाकात की।

इन बैठकों में भिलाई इस्पात संयंत्र, रावघाट खदान परियोजना और राज्य से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

रावघाट माइंस की प्रगति की समीक्षा

डॉ. अशोक कुमार पंडा ने सेल-बीएसपी के शीर्ष प्रबंधन के साथ समीक्षा बैठक में संयंत्र के प्रदर्शन और विभिन्न महत्वपूर्ण गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने भिलाई इस्पात संयंत्र के समग्र प्रदर्शन के साथ रावघाट माइंस परियोजना की प्रगति की भी व्यापक समीक्षा की।

उन्होंने रावघाट क्षेत्र में पूर्ण पैमाने पर खनन परिचालन जल्द शुरू करने की दिशा में आवश्यक कार्यों को गति देने पर जोर दिया। इसके साथ ही दल्ली राजहरा-रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना को भी तेजी से आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई।

ERP आधुनिकीकरण पहल ‘प्रोजेक्ट विहान’ का उद्घाटन

अपने प्रवास के दौरान सेल CMD ने कंपनी की ERP आधुनिकीकरण पहल ‘प्रोजेक्ट विहान’ का उद्घाटन भी किया। इस पहल का उद्देश्य सेल की कार्यप्रणाली को आधुनिक तकनीक के अनुरूप और अधिक प्रभावी बनाना है।

डॉ. पंडा ने संयंत्र की आगामी विस्तार योजनाओं, रावघाट माइंस की प्रगति और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।