January 17, 2026

गरियाबंद सैनिक स्कूल विवाद: डीईओ पर सियासी घेरा, सड़क से लेकर शासन तक सवाल

गरियाबंद जिले में स्वीकृत सैनिक स्कूल को जिला मुख्यालय से बाहर ले जाने का मामला अब प्रशासनिक मुद्दे से आगे बढ़कर सियासी टकराव का रूप ले चुका है। भाजपा के बाद अब कांग्रेस ने भी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को सीधे निशाने पर ले लिया है।

विरोध क्यों हो रहा है?

कांग्रेस का आरोप है कि सैनिक स्कूल के लिए जिले के सभी पांच अनुविभागों से उपयुक्त भूमि की जानकारी मंगाई जानी थी, लेकिन इस प्रक्रिया को पूरा किए बिना ही एकतरफा और संदिग्ध तरीके से स्थल चयन का फैसला लिया गया। कांग्रेस नेताओं ने इसे पारदर्शिता के खिलाफ बताते हुए बड़ी साजिश की आशंका जताई है।

सड़क पर उतरी कांग्रेस

मंगलवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तिरंगा चौक पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए डीईओ का पुतला दहन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि आखिर किसके इशारे पर जिला मुख्यालय से बाहर सैनिक स्कूल ले जाने का निर्णय लिया गया।

पहले भाजपा का हमला

इससे दो दिन पहले वरिष्ठ भाजपा नेता मुरलीधर सिन्हा ने डीईओ की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए तीखा बयान दिया था। इसके बाद डीईओ जगजीत सिंह धीर ने जिले के सभी एसडीएम को पत्र लिखकर सैनिक स्कूल के लिए आवश्यक 70 एकड़ भूमि की जानकारी मांगी है और उपयुक्त स्थल मिलने पर नया प्रस्ताव भेजने की बात कही है।

प्रशासनिक कसावट पर सवाल

कांग्रेस का दावा है कि पिछले चार महीनों में जिले में प्रशासनिक कसावट कमजोर हुई है, जिसके चलते 30 से अधिक प्रदर्शन हो चुके हैं। निर्माण कार्यों, सप्लाई और हितग्राही मूलक योजनाओं में लगातार खामियां सामने आने का आरोप भी लगाया गया है।

आगे क्या?

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सैनिक स्कूल के स्थल चयन को लेकर प्रशासन पारदर्शी प्रक्रिया अपनाता है या फिर यह मामला और राजनीतिक तूल पकड़ता है।