सक्ती। जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सक्ती पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ओडिशा से राजस्थान ले जाए जा रहे करीब 209 किलोग्राम गांजा को जब्त किया है। मामले में एक युवक और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गांजा, ट्रेलर, फ्लोर्सपार पाउडर और मोबाइल फोन समेत कुल 1 करोड़ 66 लाख 20 हजार 460 रुपये की संपत्ति जब्त की है।
पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल और एसडीओपी डभरा सुमीत गुप्ता के मार्गदर्शन में चौकी फगुरम और थाना डभरा पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। 17 जून को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक ट्रेलर में बड़ी मात्रा में गांजा भरकर ओडिशा से राजस्थान ले जाया जा रहा है।
सूचना के आधार पर पुलिस ने ग्राम बोडासागर स्थित सागर फैमिली ढाबा के सामने खरसिया-डभरा मुख्य मार्ग पर नाकाबंदी कर संदिग्ध टाटा सिगना ट्रेलर (RJ09GC-5216) को रोककर तलाशी ली। जांच के दौरान ट्रेलर में रखी 8 प्लास्टिक बोरियों से 40 पैकेट गांजा बरामद किया गया।
208.965 किलो गांजा बरामद
पुलिस के अनुसार जब्त गांजा का कुल वजन 208.965 किलोग्राम है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 1 करोड़ 44 लाख 48 हजार 250 रुपये आंकी गई है। गांजा तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे ट्रेलर की कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई गई है।
इसके अलावा ट्रेलर में मौजूद फ्लोर्सपार पाउडर, जिसकी कीमत 21 लाख 42 हजार 210 रुपये है, और आरोपियों के कब्जे से मिले दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। जब्त सामग्री का कुल मूल्य 1.66 करोड़ रुपये से अधिक है।
राजस्थान का युवक गिरफ्तार
पूछताछ के दौरान आरोपी गांजा परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने राजस्थान के अजमेर जिले के थाना जेवाजा क्षेत्र निवासी अर्पित सिंह (20) और उसके साथ मौजूद एक अपचारी बालक को गिरफ्तार कर लिया।
दोनों के खिलाफ अपराध क्रमांक 219/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के अंतर्गत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
26 घंटे तक चला चेकिंग अभियान
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों को पकड़ने के लिए जिले में लगातार 26 घंटे तक बैरिकेडिंग कर सघन जांच अभियान चलाया गया। कार्रवाई में चौकी फगुरम, साइबर सेल और पुलिस बल के जवानों की अहम भूमिका रही।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।





