September 4, 2026

CG News: पेट्रोल पंप पर कार की टंकी से ज्यादा पेट्रोल भरने का दावा, 48 लीटर की रीडिंग पर मचा विवाद

सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के गुडेली क्षेत्र स्थित डीसी पेट्रोल पंप पर कार की टंकी की क्षमता से अधिक पेट्रोल भरने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। बंजारी निवासी अनुपम खूंटे अपनी Mahindra XUV 3XO में पेट्रोल भरवाने पहुंचे थे। पेट्रोल भरने के बाद मशीन की रीडिंग और बिल में दर्ज मात्रा देखकर उन्होंने पंप कर्मचारियों से सवाल किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया।

42 लीटर की टंकी, मशीन में 48 लीटर से ज्यादा की रीडिंग

अनुपम खूंटे का दावा है कि उनकी Mahindra XUV 3XO की फ्यूल टंकी की क्षमता कंपनी के अनुसार करीब 42 लीटर है। इसके बावजूद पेट्रोल पंप की मशीन में 48 लीटर से अधिक पेट्रोल डाले जाने की रीडिंग दिखाई गई। बिल में भी कार की बताई गई क्षमता से करीब 7 लीटर अधिक पेट्रोल दर्ज होने की बात सामने आई।

इसी अंतर को लेकर अनुपम ने पंप कर्मचारियों से जानकारी मांगी और आपत्ति जताई। देखते ही देखते मामला बहस में बदल गया और पेट्रोल पंप परिसर में काफी देर तक गहमागहमी की स्थिति बनी रही।

डायल 112 को दी सूचना, पुलिस पहुंची मौके पर

विवाद बढ़ने पर डायल 112 को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। इसके बाद ग्राहक और पेट्रोल पंप प्रबंधन, दोनों पक्षों को थाने ले जाया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

पेट्रोल पंप प्रबंधन ने आरोपों से किया इनकार

वहीं, पेट्रोल पंप प्रबंधन ने ग्राहक के आरोपों को गलत बताया है। प्रबंधन का कहना है कि पंप पर लगी मशीनें निर्धारित मानकों के अनुसार काम कर रही हैं और मशीन में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं है।

ऐसे में पेट्रोल की वास्तविक मात्रा और मशीन की रीडिंग में अंतर कैसे आया, यह तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

ग्राहक ने की निष्पक्ष जांच की मांग

अनुपम खूंटे ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि पेट्रोल पंप की मशीन की तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कार की टंकी की क्षमता और मशीन में दर्ज पेट्रोल की मात्रा में इतना अंतर कैसे आया।

नापतौल विभाग की भूमिका पर भी सवाल

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पेट्रोल पंप की मशीनों की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। साथ ही नापतौल विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए उचित कार्रवाई की मांग की गई है।

फिलहाल जिले में नापतौल विभाग के अधिकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण पुलिस मामले की जांच कर रही है। तकनीकी परीक्षण और जांच के बाद ही यह साफ होगा कि पेट्रोल की मात्रा में अंतर मशीन की गड़बड़ी, रीडिंग की समस्या या किसी अन्य वजह से हुआ।