March 4, 2026

सरगुजा संभाग अपडेट: CHC में प्रसव के दौरान नवजात की मौत, जशपुर में बेटी की हत्या, 525 मोबाइल बरामद

अंबिकापुर/जशपुर/सूरजपुर। सरगुजा संभाग में स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही, पारिवारिक विवाद में हत्या, दुष्कर्म मामले में सजा और पुलिस की बड़ी कार्रवाई जैसी कई घटनाएं सामने आई हैं।


CHC कुन्नी में असुरक्षित प्रसव, नवजात की मौत

अंबिकापुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुन्नी में चिकित्सक और स्टाफ नर्स की अनुपस्थिति में स्वीपर द्वारा प्रसव कराने का मामला सामने आया है। प्रसव के दौरान गर्भ में शिशु फंस जाने से नवजात की मौत हो गई।

परिजनों के मुताबिक 16 फरवरी की रात प्रसव पीड़ा होने पर महिला को अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर और नर्स मौजूद नहीं थे। आरोप है कि मौजूद स्वीपर ने स्वयं प्रसव कराने का प्रयास किया, जिससे स्थिति बिगड़ गई। बाद में चिकित्सक पहुंचे, लेकिन तब तक नवजात की मौत हो चुकी थी।

खंड चिकित्सा अधिकारी ने स्टाफ की कमी की बात स्वीकार करते हुए शासन को अवगत कराने की जानकारी दी है।


जशपुर में पिता ने बेटी की हत्या की

जशपुर जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र के जामटोली गांव में निर्माण सामग्री के पैसों को लेकर हुए विवाद में पिता ने कुल्हाड़ी से वार कर अपनी 23 वर्षीय बेटी की हत्या कर दी।
मृतका आंगनबाड़ी केंद्र में सहायिका के रूप में कार्यरत थी और अपने लिए घर बनवा रही थी। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है।


12 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म: आरोपी को 20 साल की सजा

सूरजपुर जिले के जयनगर थाना क्षेत्र में 12 वर्षीय बालिका के अपहरण और दुष्कर्म मामले में विशेष न्यायालय (फास्ट ट्रैक) ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
घटना 14 जनवरी 2025 की है। आरोपी पिछले एक वर्ष से जेल में बंद था।


हाईकोर्ट से रजिस्ट्रार को राहत

High Court of Chhattisgarh ने संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के तत्कालीन रजिस्ट्रार विनोद कुमार एक्का के संलग्नीकरण आदेश को रद्द कर राहत दी है।
जस्टिस पार्थ प्रीतम साहू ने आदेश पारित करते हुए विश्वविद्यालय अधिनियम और सेवा नियमों के उल्लंघन पर टिप्पणी की।


एक करोड़ रुपये के 525 मोबाइल बरामद

अंबिकापुर में साइबर सेल और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पिछले पांच महीनों में 525 गुम मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल के निर्देशन में चलाए गए अभियान में लगभग 1 करोड़ रुपये कीमत के मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए गए।


इन घटनाओं ने एक ओर स्वास्थ्य और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं न्यायिक और पुलिस कार्रवाई ने सख्त संदेश भी दिया है।