नई दिल्ली। अभिनेता दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ (पूर्व नाम पंजाब ’95) को ZEE5 से रिलीज़ के 48 घंटे के भीतर हटाए जाने के बाद अब देश के कई राज्यों में इसकी कम्युनिटी स्क्रीनिंग शुरू की जा रही है। सिख धार्मिक संस्थाओं ने मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की कहानी को लोगों तक पहुंचाने के लिए गुरुद्वारों में फिल्म दिखाने का फैसला लिया है।
रिपोर्ट के अनुसार, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के नेतृत्व में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और जम्मू सहित पांच राज्यों की गुरुद्वारा कमेटियां इस पहल में शामिल हो रही हैं। जम्मू में 10 से 13 जुलाई के बीच चार गुरुद्वारों में फिल्म की स्क्रीनिंग का कार्यक्रम तय किया गया है, जबकि जयपुर के चांदी की टकसाल गुरुद्वारे में भी 11 जुलाई को विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की जाएगी।
‘कहानी लोगों तक पहुंचनी चाहिए’
SGPC के एक सूत्र ने कहा कि समुदाय नहीं चाहता कि यह महत्वपूर्ण कहानी केवल इसलिए लोगों तक न पहुंचे क्योंकि फिल्म OTT प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं है। उनका कहना है कि यदि दर्शक इसे ऑनलाइन नहीं देख सकते, तो गुरुद्वारे अपने द्वार खोलकर फिल्म का प्रदर्शन करेंगे, ताकि जसवंत सिंह खालरा की कहानी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।
DSGMC ने भी किया समर्थन
दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (DSGMC) के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने ZEE5 पर फिल्म को दोबारा उपलब्ध कराने की मांग दोहराई और गुरुद्वारों में कम्युनिटी स्क्रीनिंग की पहल का समर्थन किया।
48 घंटे में हटाई गई थी फिल्म
मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित यह बायोपिक 3 जुलाई को ZEE5 पर रिलीज़ हुई थी, लेकिन दो दिन बाद ही इसे प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (IT) नियमों के तहत सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए फिल्म हटाने का निर्देश दिया था।
रिलीज़ से पहले भी विवादों में रही फिल्म
हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी इस फिल्म को रिलीज़ से पहले लंबे समय तक सेंसर बोर्ड की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। शुरुआत में फिल्म ‘घल्लूघारा’ नाम से प्रस्तुत की गई थी, जिसे बाद में ‘पंजाब ’95’ नाम देने के निर्देश मिले। इसके बाद संशोधन समिति ने 127 कट और कई बदलावों का सुझाव दिया, जिसमें मुख्य किरदार का नाम बदलने की बात भी शामिल थी। फिल्म निर्माताओं ने इन बदलावों को स्वीकार नहीं किया, जिससे इसकी रिलीज़ कई वर्षों तक टलती रही।
आखिरकार फिल्म 3 जुलाई को ‘सतलुज’ नाम से ZEE5 पर रिलीज़ हुई, लेकिन 48 घंटे के भीतर ही इसे हटा लिया गया। इसके बाद SGPC और पंजाब की कई राजनीतिक पार्टियों ने इस फैसले की आलोचना की, जबकि अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने भी कहा कि उन्हें इस तरह की कार्रवाई की आशंका पहले से थी।
फिल्म में दिलजीत दोसांझ के अलावा अर्जुन रामपाल, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओल्यान प्रमुख भूमिकाओं में नजर आए हैं।





