कोरबा। SECL की कुसमुंडा खदान स्थित 29 नंबर कोयला स्टॉक में गुरुवार को लगी भीषण आग शुक्रवार को भी पूरी तरह नहीं बुझ सकी। विशाल कोयला भंडार में आग लगातार धधक रही है, जिससे कोयले के बड़े नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
आग पर काबू पाने के लिए SECL द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। टैंकर वाहनों की मदद से प्रभावित क्षेत्र में लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है। साथ ही डोजर मशीनों के जरिए आग प्रभावित कोयले को अलग-अलग करने का काम भी जारी है, ताकि आग को फैलने से रोका जा सके।
डोजर के आग की चपेट में आने की आशंका को देखते हुए मशीन पर भी लगातार पानी डाला जा रहा है। आग लगने की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए थे और राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।
इस बीच स्थानीय स्तर पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप भी सामने आए हैं। आग लगे कोयले के बीच डोजर संचालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, बरसात से पहले SECL द्वारा बड़े पैमाने पर कोयले का भंडारण किया जा रहा है। भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। गौरतलब है कि खदान क्षेत्र में पिछले कुछ समय से हर दो-तीन दिन में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और कोयला भंडारण प्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है और SECL की टीम लगातार आग बुझाने के प्रयास में जुटी हुई है।





