रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित सेक्स सीडी कांड में बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। रायपुर सेशन कोर्ट ने CBI की लोअर कोर्ट के मार्च 2025 के फैसले को रद्द करते हुए जांच एजेंसी की रिव्यू पिटिशन मंजूर कर ली है। इसके साथ ही अब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत सभी आरोपियों के खिलाफ ट्रायल शुरू होगा।
सेशन कोर्ट ने भूपेश बघेल को नियमित कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले CBI की विशेष अदालत ने सभी धाराएं हटाते हुए उन्हें आरोपमुक्त कर दिया था, जिसके खिलाफ CBI ने पुनरीक्षण याचिका दाखिल की थी।
👨⚖️ सेशन कोर्ट का बड़ा फैसला
सेशन कोर्ट ने कहा कि मामले में प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। इसलिए आरोपियों को ट्रायल से मुक्त नहीं किया जा सकता।
भूपेश बघेल के अलावा कारोबारी कैलाश मुरारका, पूर्व सीएम के सलाहकार विनोद वर्मा, विजय भाटिया और विजय पांडेय इस प्रकरण में आरोपी हैं।
कारोबारी कैलाश मुरारका और विनोद वर्मा द्वारा दायर आरोपमुक्ति आवेदन को भी कोर्ट ने खारिज कर दिया है और उन्हें ट्रायल का सामना करने के निर्देश दिए हैं।
🗂️ लोअर कोर्ट ने किया था आरोपमुक्त
मार्च 2025 में CBI की विशेष अदालत ने सभी धाराओं को हटाते हुए भूपेश बघेल समेत आरोपियों को राहत दी थी। इसके बाद CBI ने फैसले को चुनौती देते हुए सेशन कोर्ट में रिव्यू पिटिशन दायर की थी, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।
🏛️ छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा असर
यह मामला छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा मोड़ साबित हुआ था। सितंबर 2018 में तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल और विनोद वर्मा को गिरफ्तार किया गया था।
उस समय विधानसभा चुनाव में सिर्फ तीन महीने शेष थे। भूपेश बघेल ने जमानत लेने से इनकार किया था और जेल में रहते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किए थे।
हर पोस्टर पर लिखा गया था — “मैं भी भूपेश हूँ।”
इस आंदोलन ने कांग्रेस को राजनीतिक मजबूती दी और 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 68 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की थी।
📀 अक्टूबर 2017 में हुई थी मामले की शुरुआत
इस केस की शुरुआत अक्टूबर 2017 में कथित सेक्स सीडी सामने आने के बाद हुई थी। शिकायत के मुताबिक सीडी का निर्माण दिल्ली में किया गया था और इसमें भूपेश बघेल के मीडिया सलाहकार विनोद वर्मा का नाम सामने आया था।
🔹 FIR किसने कराई थी?
भाजपा नेता प्रकाश बजाज ने 26 अक्टूबर 2017 को पंडरी थाने में FIR दर्ज कराई थी। इसमें ब्लैकमेलिंग और अश्लील वीडियो के जरिए पैसे मांगने का आरोप लगाया गया था।
जांच में दिल्ली की एक दुकान तक पुलिस और CBI पहुंची, जहां से वर्मा और अन्य आरोपी सामने आए।
मामले के एक अन्य आरोपी रिंकू खनूजा ने प्रकरण उजागर होने के बाद आत्महत्या कर ली थी।
🔍 अब शुरू होगा ट्रायल
सेशन कोर्ट के फैसले के बाद अब भूपेश बघेल और अन्य आरोपियों के खिलाफ नियमित ट्रायल चलेगा। राजनीतिक और कानूनी दृष्टि से यह मामला आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की राजनीति पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है।





