July 23, 2026

छत्तीसगढ़ के तीन जांबाजों को मिलेगा शौर्य चक्र, राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

बालोद/भानुप्रतापपुर। छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है। राज्य के तीन वीर जवानों को आज नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा प्रतिष्ठित शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा। इनमें असम राइफल्स के जवान भोजराम साहू तथा छत्तीसगढ़ पुलिस के निरीक्षक लक्ष्मण केवट और निरीक्षक रामेश्वर देशमुख शामिल हैं।

मणिपुर में आतंकियों से लोहा लेने पर भोजराम साहू सम्मानित

बालोद जिले के ढोर्रीठेमा गांव निवासी और असम राइफल्स में पदस्थ भोजराम साहू ने 15 नवंबर 2024 को मणिपुर के टेंगनोपाल में आतंकियों के खिलाफ अभियान में अदम्य साहस का परिचय दिया था। मुठभेड़ के दौरान गोली लगने के बावजूद उन्होंने मोर्चा नहीं छोड़ा और जवाबी कार्रवाई जारी रखी। इस ऑपरेशन में तीन आतंकवादी मारे गए थे।

नक्सल मोर्चे के ‘राम-लक्ष्मण’ को भी शौर्य चक्र

नक्सल विरोधी अभियानों में उत्कृष्ट नेतृत्व और बहादुरी दिखाने वाले निरीक्षक लक्ष्मण केवट और निरीक्षक रामेश्वर देशमुख को भी शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा। दोनों अधिकारियों ने बस्तर और राजनांदगांव के दुर्गम इलाकों में कई सफल अभियानों का नेतृत्व किया है।

29 नक्सलियों के सफाए वाले ऐतिहासिक ऑपरेशन में निभाई थी अहम भूमिका

16 अप्रैल 2024 को कांकेर जिले के छोटे बेठिया क्षेत्र के हापाटोला जंगल में हुए बड़े नक्सल विरोधी अभियान में दोनों अधिकारियों ने अग्रिम मोर्चे पर रहकर जवानों का नेतृत्व किया था। इस अभियान में 15 महिला नक्सलियों सहित कुल 29 नक्सली मारे गए थे, जिसे छत्तीसगढ़ के सबसे सफल अभियानों में गिना जाता है।

नक्सल एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में पहचान

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार निरीक्षक लक्ष्मण केवट 97 नक्सलियों के खिलाफ सफल अभियानों का हिस्सा रहे हैं, जबकि निरीक्षक रामेश्वर देशमुख 56 नक्सलियों के विरुद्ध हुई कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। पुलिस विभाग में दोनों की पहचान नक्सल एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में है।

पहले भी मिल चुके हैं कई वीरता सम्मान

लक्ष्मण केवट को छह राष्ट्रपति पुलिस पदक सहित सीआरपीएफ और बीएसएफ के कई वीरता सम्मान मिल चुके हैं। वहीं रामेश्वर देशमुख को भी राष्ट्रपति द्वारा दो बार सम्मानित किया जा चुका है।

‘शांति स्थापित करना ही सबसे बड़ी सफलता’

सम्मान की घोषणा पर लक्ष्मण केवट ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल नक्सल विरोधी अभियान चलाना नहीं, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करना और लोगों का विश्वास जीतना है। उन्होंने कहा कि सामान्य स्थिति की बहाली ही सबसे बड़ी सफलता है।

छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए गौरव का क्षण

कांकेर के पुलिस अधीक्षक निखिल आकाश राखेचा ने इसे पूरे छत्तीसगढ़ पुलिस बल के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान आने वाले समय में पुलिसकर्मियों को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।