July 30, 2026

सेंट पॉल स्कूल कार्रवाई पर भड़के शिव डहरिया, बोले- एक धर्म विशेष को निशाना बनाना गलत

रायपुर। राजधानी रायपुर के सेंट पॉल स्कूल परिसर में बने विवादित सामुदायिक भवन पर प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई जगह अवैध निर्माण हो रहे हैं, लेकिन केवल एक जाति और धर्म विशेष को निशाना बनाकर कार्रवाई करना उचित नहीं है। इससे अल्पसंख्यक समुदाय में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।

डहरिया ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि सेंट पॉल स्कूल परिसर में एक सामुदायिक भवन का निर्माण किया जा रहा था, जिसे प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में अवैध निर्माण का खेल चल रहा है, लेकिन उन पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। सरकार को सभी मामलों में समान रूप से कार्रवाई करनी चाहिए।

कैबिनेट द्वारा वीबीजीआरवाई (VBGRY) को मंजूरी दिए जाने पर भी डहरिया ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा में केंद्र सरकार 80 प्रतिशत और राज्य सरकार 20 प्रतिशत राशि देती थी, जबकि अब यह अनुपात 60:40 हो गया है। राज्य सरकार के पास मनरेगा के लिए अपनी हिस्सेदारी देने तक के संसाधन नहीं हैं, ऐसे में नई योजना के लिए हजारों करोड़ रुपये की व्यवस्था कैसे होगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं दे पा रही है और बिजली बिल तक जमा नहीं करा पा रही है। ऐसे में नई योजनाओं की घोषणाएं केवल दिखावा और जनता को भ्रमित करने का प्रयास हैं।

कृषि अवशेष और जैविक कचरे से बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा देने संबंधी कैबिनेट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए डहरिया ने कहा कि प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की स्थिति ही ठीक नहीं है। कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा है और जमीनी स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन कमजोर है। उन्होंने इसे भी केवल घोषणाओं तक सीमित कदम बताया।

वहीं, भाजपा द्वारा 25 जून को ‘काला दिवस’ मनाने की घोषणा पर डहरिया ने कहा कि देश में पहले से ही अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं कमजोर हो रही हैं और सरकार जनता के बजाय बड़े व्यापारिक हितों के लिए काम कर रही है।

प्रशिक्षण शिविर और भाजपा के पोस्टर अभियान पर टिप्पणी करते हुए डहरिया ने कहा कि भाजपा के पास न तो कोई ठोस मुद्दा है और न ही कोई स्पष्ट योजना। उन्होंने कहा कि सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है और उसे जनता के वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।