March 5, 2026

डोंगरगढ़ में शिवराज सिंह चौहान का दौरा: आस्था, संस्कृति और ग्रामीण विकास का संदेश

राजनांदगांव।
केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का मंगलवार को डोंगरगढ़ प्रवास केवल औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आस्था, संस्कृति और गांवों के समग्र विकास का मजबूत संदेश लेकर सामने आया। एक दिवसीय दौरे पर राजनांदगांव जिले पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने धर्म नगरी डोंगरगढ़ स्थित जैन तीर्थ चंद्रगिरि में आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज के द्वितीय समाधि स्मृति महोत्सव में सहभागिता की और समाधि स्थल पर श्रद्धापूर्वक नमन किया।

चंद्रगिरि तीर्थ में शिवराज सिंह चौहान ने आचार्य विद्यासागर महाराज के जीवन, तपस्या और विचारों पर आधारित प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय म्यूजियम एवं संग्रहालय का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री गजेंद्र यादव, सांसद संतोष पांडे सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान जैन समाज और मां बमलेश्वरी मंदिर ट्रस्ट समिति ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर आचार्य विद्यासागर महाराज को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की।

इसके बाद केंद्रीय मंत्री विश्व प्रसिद्ध मां बमलेश्वरी देवी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर देशवासियों की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद रही और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

“आचार्य विद्यासागर महाराज आज भी प्रेरणा हैं”

मीडिया से बातचीत में शिवराज सिंह चौहान ने भावुक शब्दों में कहा कि डोंगरगढ़ में स्थित आचार्य विद्यासागर महाराज का समाधि स्थल आज भी जीवंत प्रतीत होता है। यहां ऐसा लगता है मानो उनका विश्वास भरा दृष्टिकोण, करुणामय हृदय और आशीर्वाद देने वाला हाथ आज भी मार्गदर्शन कर रहा हो। उन्होंने कहा कि आचार्य श्री के विचारों—स्वदेशी और आत्मनिर्भरता—को अपनाना आज के समय में और भी आवश्यक है।

ग्रामीण विकास योजनाओं पर बड़ा ऐलान

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण विकास से जुड़ी GRAMG योजना की जानकारी देते हुए बताया कि मनरेगा में पहले मौजूद कमियों को दूर कर नई व्यवस्था लागू की गई है। अब मजदूरों को 100 दिनों के बजाय 125 दिनों का रोजगार मिलेगा। योजना के लिए 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राशि केवल अस्थायी या दिखावटी कार्यों पर खर्च नहीं होगी, बल्कि गांवों में ऐसे स्थायी विकास कार्य किए जाएंगे, जिनका लाभ लंबे समय तक मिलेगा। कौन से कार्य होंगे, इसका निर्णय ग्राम सभा और ग्राम पंचायत द्वारा किया जाएगा, जिससे गांवों का वास्तविक विकास सुनिश्चित हो सके।

कुल मिलाकर

डोंगरगढ़ में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का यह दौरा आचार्य विद्यासागर महाराज की स्मृति को नमन करने के साथ-साथ गांव, गरीब और मजदूर के विकास का सशक्त संदेश देकर संपन्न हुआ।