September 4, 2026

भीषण सड़क हादसे में कट गई थी पैर की मुख्य नस, डॉक्टरों ने माइक्रो सर्जरी से बचाया पैर

रायपुर। एक भीषण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल मरीज की बुरी तरह क्षतिग्रस्त टांग को डॉक्टरों ने जटिल सर्जरी के जरिए बचा लिया। श्री नारायणा हॉस्पिटल के प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्शन सर्जन डॉ. नीरज पांडे और ऑर्थोपेडिक टीम ने समय रहते इलाज कर मरीज को संभावित पैर काटने और जान के खतरे से बचाया।

कमर और जांघ के बीच गंभीर चोट

हादसे में मरीज के Groin और Pelvis (श्रोणि) क्षेत्र में कई गंभीर फ्रैक्चर हुए थे। चोट के कारण मुख्य External Iliac Artery बुरी तरह कट गई थी, जिससे शरीर के निचले हिस्से और पैर में रक्त की आपूर्ति लगभग बंद होने की स्थिति में पहुंच गई थी।

डॉक्टरों के मुताबिक, यदि समय पर रक्त प्रवाह बहाल नहीं किया जाता तो पैर में गैंग्रीन होने का गंभीर खतरा था और स्थिति जानलेवा भी हो सकती थी।

पहले टूटी हड्डियां की गईं स्थिर

डॉ. नीरज पांडे ने ऑर्थोपेडिक टीम के साथ मिलकर बिना समय गंवाए मरीज को ऑपरेशन थिएटर में लिया। सबसे पहले Pelvis की टूटी हुई हड्डियों को External Fixation के जरिए स्थिर किया गया।

इसके बाद कटी हुई इलियाक आर्टरी की माइक्रो सर्जरी द्वारा वैस्कुलर रिपेयर की गई। सर्जरी के बाद कुछ ही समय में मरीज के पैर में रक्त का प्रवाह दोबारा शुरू हो गया।

गंभीर घाव को फ्लैप तकनीक से ढका

इसके बाद मरीज के खुले घावों और संवेदनशील अंगों को सुरक्षित रखने के लिए Rectus Femoris Flap तकनीक का इस्तेमाल किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, इस तकनीक से गंभीर घावों को भरने और रिकवरी में मदद मिलती है।

पैर बचने के साथ स्थायी दिव्यांगता का खतरा भी टला

हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. सुनील खेमका ने बताया कि ट्रॉमा यूनिट की टीम ने समय पर उपचार कर मरीज की जान बचाने के साथ उसके पैर को भी सुरक्षित कर लिया। इससे मरीज को स्थायी रूप से अपंग होने की स्थिति से बचाया जा सका।

उन्होंने डॉ. नीरज पांडे और ऑर्थोपेडिक टीम के प्रयासों की सराहना की। फिलहाल मरीज की हालत बेहतर बताई जा रही है और वह तेजी से स्वास्थ्य लाभ कर रहा है।