July 29, 2026

सीतापुर विवाद पर अजय चंद्राकर का बयान, बोले- दबाव नहीं, देखना होगा लक्ष्मण रेखा किसने लांघी

रायपुर। सरगुजा जिले के सीतापुर में नायब तहसीलदार के साथ कथित मारपीट की घटना को लेकर प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के आंदोलन के बीच वरिष्ठ भाजपा विधायक अजय चंद्राकर का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि मामले में दबाव बनाने के बजाय यह देखा जाना चाहिए कि आखिर “लक्ष्मण रेखा” किसने लांघी है।

रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान अजय चंद्राकर ने कहा कि आंदोलन कर रहे अधिकारियों के संगठन को स्पष्ट करना चाहिए कि वे किस विषय की जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी को पद से हटाने और कार्रवाई की मांग करना अलग विषय है, जबकि घटना क्यों और किन परिस्थितियों में हुई, यह अलग मुद्दा है।

उन्होंने कहा, “दबाव के बजाए यह देखना चाहिए कि लक्ष्मण रेखा किसने लांघी। लोकतंत्र में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की अपनी गरिमा होती है और उनका सम्मान किया जाना चाहिए।”

क्या है मामला?

दरअसल, सरगुजा जिले के सीतापुर में भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों द्वारा नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया था। घटना के बाद प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदारों में नाराजगी फैल गई।

राजस्व अधिकारियों ने पहले मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने सामूहिक अवकाश लिया, इसके बाद कलमबंद हड़ताल शुरू की और अब अनिश्चितकालीन कामबंद आंदोलन पर हैं। इस आंदोलन का असर राजस्व और प्रशासनिक कार्यों पर भी पड़ रहा है।

हसदेव अरण्य मुद्दे पर भी साधा निशाना

वहीं, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत द्वारा हसदेव अरण्य को लेकर प्रदर्शन की घोषणा पर भी अजय चंद्राकर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने हसदेव अरण्य के संबंध में अपने कार्यकाल के दौरान जो फैसले लिए थे, उन्हें दस्तावेजों के साथ सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को पहले यह बताना चाहिए कि उनकी सरकार ने अपने कार्यकाल में इस मुद्दे पर क्या कदम उठाए थे, उसके बाद ही वर्तमान सरकार पर सवाल खड़े करने चाहिए।