नवा रायपुर।
मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त डॉ. रवि मित्तल ने जनसंपर्क अधिकारियों से आह्वान किया है कि वे शासन की योजनाओं और कार्यों पर आधारित एक्सक्लूजिव स्टोरी तैयार करें और उनके व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए मीडिया के सभी माध्यमों का प्रभावी उपयोग करें। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की स्टोरी राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के मीडिया में प्रकाशित होगी, उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप सम्मानित किया जाएगा।
डॉ. मित्तल नवा रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित “जनसंपर्क की नई चुनौतियां” विषय पर आधारित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कौशल संवर्धन कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यशाला जनसंपर्क अधिकारियों की व्यावसायिक दक्षताओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।
बदलते दौर में तकनीक से जुड़ना जरूरी
आयुक्त डॉ. मित्तल ने कहा कि वर्तमान समय में सूचना एवं जनसंपर्क के माध्यम तेजी से बदल रहे हैं। नई-नई तकनीकों के आगमन से जनसंपर्क अधिकारियों को भी अपने कार्य को अधिक प्रमाणिक, प्रभावी और समयबद्ध बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अब केवल प्रिंट मीडिया तक सीमित न रहकर इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और सोशल मीडिया का भी समान रूप से उपयोग करना होगा, ताकि शासन के निर्णय और योजनाएं अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकें।
उन्होंने अधिकारियों से नवीन तकनीकों से अपडेट रहने का आग्रह करते हुए एआई टूल्स के उपयोग को भी महत्वपूर्ण बताया। साथ ही पत्रकारिता स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों को जनसंपर्क विभाग में इंटर्नशिप के अवसर देने पर भी जोर दिया।
उद्घाटन सत्र में वरिष्ठ अधिकारियों ने रखे विचार
उद्घाटन सत्र में अपर संचालक जवाहरलाल दरियो, संजीव तिवारी, उमेश मिश्रा और आलोक देव ने जनसेवा में स्पष्ट, सरल और समयबद्ध संवाद की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रभावी जनसंपर्क के लिए संवाद सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रतिभागियों को कार्यशाला की रूपरेखा, सत्रों की विषयवस्तु और अपेक्षाओं से अवगत कराया गया।
पहले दिन तीन तकनीकी सत्रों का आयोजन
कार्यशाला के प्रथम दिवस की शुरुआत “पाठक-अनुकूल लेखन: सरकारी समाचार को आकर्षक बनाना” विषयक सत्र से हुई, जिसमें दैनिक भास्कर के संपादक शिव दुबे ने मार्गदर्शन दिया। उन्होंने सरकारी आदेशों और सूचनाओं से आम जनता से जुड़ी प्रमुख बातों को पहचानने, सरल भाषा, प्रभावी हेडलाइन और लीड पैराग्राफ लिखने के गुर बताए। साथ ही प्रेस विज्ञप्ति की संरचना, उपयुक्त उद्धरणों के प्रयोग और संकट के समय मीडिया से संतुलित संवाद पर भी चर्चा की।
द्वितीय सत्र में आकाशवाणी के समाचार संपादक विकल्प शुक्ला ने टेलीविजन मीडिया की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। उन्होंने शासकीय योजनाओं को विजुअल स्टोरी के रूप में प्रस्तुत करने, टीवी कवरेज के आवश्यक तत्वों, कैमरे पर संक्षिप्त बाइट और फैक्ट शीट के महत्व की जानकारी दी।
तीसरे सत्र में सोशल मीडिया और एआई टूल्स के उपयोग पर चर्चा की गई। सोशल मीडिया, डिजिटल मार्केटिंग एवं एआई विशेषज्ञ राकेश साहू ने फोटो और वीडियो एडिटिंग में एआई डिजिटल टूल्स के प्रभावी उपयोग के बारे में मार्गदर्शन दिया।
अंतिम सत्र में क्राइसिस कम्युनिकेशन पर फोकस
दिन के अंतिम सत्र में जनसंपर्क संचालनालय भोपाल के सेवानिवृत्त संचालक लाजपत आहूजा ने पीआर टूल बॉक्स, स्टेकहोल्डर मैनेजमेंट और आपातकालीन संचार (क्राइसिस कम्युनिकेशन) से जुड़े व्यावहारिक और तुरंत उपयोग योग्य उपकरणों की जानकारी दी।





