नई दिल्ली। देशभर में चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले 17 दिनों में चीनी के दाम में करीब 19 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं, पिछले दो महीनों में चीनी की कीमत करीब 40 प्रतिशत तक बढ़ गई है। बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने चीनी के आयात को टैक्स फ्री करने का फैसला लिया है। सरकार की यह छूट 31 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी।

10 लाख टन कच्ची चीनी का शुल्क मुक्त आयात
चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के आयात की अनुमति दी है। इसके लिए टैरिफ रेट कोटा लागू किया गया है। तय मात्रा के भीतर आयात की जाने वाली कच्ची चीनी पर कोई आयात शुल्क नहीं लगेगा।
सरकार ने शर्त रखी है कि आयातित कच्ची चीनी से तैयार की गई चीनी को 31 अक्टूबर 2026 तक घरेलू बाजार में बेचने की अनुमति होगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव कम होगा।
थोक बाजार में भी तेजी
सरकार के कदम के बावजूद 20 अगस्त को चीनी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। थोक बाजार में चीनी के भाव में एक दिन में करीब 525 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं खुदरा बाजार में चीनी की कीमत करीब 55 से 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। कुछ ब्रांडेड पैकेट वाली चीनी की कीमत 80 रुपये प्रति किलो तक बताई जा रही है।
डीलरों के स्टॉक पर भी सरकार की नजर
सरकार ने चीनी के स्टॉक को लेकर भी नए निर्देश जारी किए हैं। जिन डीलरों का मासिक चीनी इस्तेमाल 10 मीट्रिक टन से अधिक है, वे 15 दिनों से ज्यादा का स्टॉक अपने पास नहीं रख सकेंगे। यह व्यवस्था 1 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी।
सरकार का उद्देश्य जमाखोरी को रोकना और बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
चीनी के निर्यात पर 30 सितंबर तक रोक
घरेलू बाजार में चीनी की कमी न हो और कीमतों पर नियंत्रण बना रहे, इसके लिए सरकार ने चीनी के निर्यात पर भी रोक लगा रखी है। यह प्रतिबंध 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगा। बिना सरकार की अनुमति के व्यापारी चीनी का निर्यात नहीं कर सकेंगे।
17 दिन में ऐसे बढ़े चीनी के दाम
चीनी की कीमतों में अगस्त महीने के दौरान तेजी लगातार बढ़ी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 31 जुलाई को थोक भाव करीब 44 रुपये प्रति किलो था। 1 अगस्त को यह बढ़कर करीब 46 रुपये, 2 अगस्त को 49 रुपये और 20 अगस्त तक थोक भाव करीब 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया।
इस दौरान खुदरा बाजार में भी कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली। देशभर में चीनी की औसत मिल कीमत 5,400-5,500 रुपये प्रति क्विंटल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
एक साल में भी बढ़ी कीमत
एक साल पहले चीनी की औसत मिल कीमत करीब 3,900 रुपये प्रति क्विंटल थी। यानी सालाना आधार पर भी कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 18 अगस्त को चीनी की औसत खुदरा कीमत 52.3 रुपये प्रति किलो पहुंच गई, जबकि एक साल पहले यह करीब 46.34 रुपये प्रति किलो थी।
सरकार के टैक्स फ्री आयात और स्टॉक नियंत्रण जैसे फैसलों के बाद अब नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में चीनी की कीमतों में कितनी राहत मिलती है।





