रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन और जनसेवा के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए सुकमा जिला प्रशासन लगातार दूरस्थ और अंदरूनी क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर अमित कुमार और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुंद ठाकुर ने दो नदियां पार कर सुदूर वनांचल के गुमोड़ी, कोंडासावली और तारलागुड़ा गांवों का दौरा किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच बैठकर जनचौपाल लगाई, उनकी समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए।
गुमोड़ी में लगेगा विशेष राजस्व शिविर
गुमोड़ी गांव में कलेक्टर ने महतारी वंदन योजना, तेंदूपत्ता भुगतान, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। जमीन संबंधी दस्तावेज गुम होने की शिकायत पर उन्होंने गांव में विशेष राजस्व शिविर आयोजित कर आवश्यक दस्तावेज तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही बिजली, सड़क और पुलिया निर्माण से जुड़ी मांगों पर संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। प्राथमिक स्कूल के निरीक्षण के दौरान बच्चों की प्रस्तुति से प्रभावित होकर स्कूल में पेवर ब्लॉक, बाउंड्रीवाल और नए रसोईघर के निर्माण को मंजूरी दी।
बारिश के बीच भी जारी रही जनचौपाल
कोंडासावली में आम के पेड़ के नीचे ग्रामीणों से चर्चा के दौरान तेज बारिश शुरू हो गई, लेकिन कलेक्टर ने जनचौपाल जारी रखी। बिजली कनेक्शन से जुड़ी शिकायतों पर तीन दिन के भीतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं पात्र हितग्राहियों को 45 दिनों के भीतर वनाधिकार पट्टा उपलब्ध कराने के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
स्वास्थ्य सुविधाएं होंगी मजबूत
कोंडासावली उप स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों की मांग पर एंबुलेंस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्र में पर्दे, पेवर ब्लॉक रैंप, योग शेड और सोकपिट निर्माण कर सुविधाएं बेहतर बनाने के निर्देश भी जारी किए गए।
108 एंबुलेंस सेवा की मौके पर जांच
तारलागुड़ा में निर्माणाधीन सुशासन परिसर का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने एक ग्रामीण से स्वयं 108 एंबुलेंस सेवा पर फोन करवाकर उसकी कार्यप्रणाली की जांच की। एंबुलेंस सेवा की पुष्टि होने पर उन्होंने ग्रामीणों से आपात स्थिति में 108 सेवा का उपयोग करने की अपील की।
इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के दो हितग्राहियों ने खाते में राशि नहीं मिलने की शिकायत की। जांच में बैंक खाते पर तकनीकी होल्ड की जानकारी सामने आने पर कलेक्टर ने अधिकारियों को तत्काल समस्या दूर कर हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर अमित कुमार ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सुशासन परिसर का निर्माण पूरा होने के बाद वे फिर गांव पहुंचकर विकास कार्यों और व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। जिला प्रशासन की इस पहल से दूरस्थ क्षेत्रों में शासन के प्रति लोगों का भरोसा और मजबूत होने की बात सामने आई है।





