सुकमा। Sukma जिले के कोंटा विकासखंड के अंतिम छोर पर स्थित गोगुण्डा पंचायत, जहां कभी नक्सलियों का प्रभाव था, अब विकास और बदलाव की नई कहानी लिख रहा है। प्रशासन की पहल से यहां करीब 1 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत हुए हैं, जिससे 1642 ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।

बुनियादी सुविधाओं के साथ मनोरंजन का नया केंद्र
गोगुण्डा और आश्रित गांव मीचिगुड़ा में पीडीएस भवन, स्कूल और आंगनबाड़ी का निर्माण किया जा रहा है।
इसके साथ ही एक आधुनिक मनोरंजन कक्ष भी बनाया जा रहा है, जहां बड़ी स्क्रीन पर ग्रामीण पहली बार फिल्में, क्रिकेट मैच और समाचार देख सकेंगे।
आजादी के बाद पहली बार तेंदूपत्ता खरीदी

इस क्षेत्र में पहली बार तेंदूपत्ता खरीदी की शुरुआत 27 अप्रैल से की गई है।
करीब 200 परिवारों के लिए यह रोजगार का बड़ा साधन बना है, जिससे उनकी आय और आत्मनिर्भरता बढ़ी है।
महिला सशक्तिकरण को मिली नई दिशा
फड़ मुंशी के रूप में मुचाकी गंगी की नियुक्ति से महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है।
गांव में हाल ही में बिजली पहुंचने से जीवन स्तर में भी सुधार आया है और महिलाएं अब रोजगार से जुड़ रही हैं।

कनेक्टिविटी और निर्माण से बढ़ा भरोसा
सड़क, बिजली और अन्य निर्माण कार्यों के चलते ग्रामीणों का प्रशासन पर विश्वास बढ़ा है।
जहां पहले मूलभूत सुविधाएं नहीं थीं, वहां अब विकास की रफ्तार दिख रही है।

कलेक्टर का बयान
कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि सुदूर इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना ही प्रशासन का लक्ष्य है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।





