Sukma News Update : सुकमा। कभी नक्सल प्रभावित और विकास की मुख्यधारा से दूर रहे सुकमा जिले के सुदूर इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की नई तस्वीर सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने जगरगुंडा तहसील के दूरस्थ गांवों के 42 मोतियाबिंद मरीजों का सफल और निःशुल्क ऑपरेशन कर उनकी आंखों की रोशनी वापस लौटाई है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने दुर्गम और पहुंचविहीन क्षेत्रों में घर-घर सर्वे कर मरीजों की पहचान की। इसके बाद विशेष वाहनों की व्यवस्था कर उन्हें जिला चिकित्सालय लाया गया, जहां सिविल सर्जन डॉ. एम.आर. कश्यप और नेत्र सर्जन डॉ. खुशबू देवांगन की देखरेख में ‘मिशन दृष्टि’ योजना के तहत ऑपरेशन किया गया।
माड़वी मुये की आंखों में लौटी नई रोशनी
इस अभियान की सबसे भावुक कहानी गेड़ापार गांव के निवासी माड़वी मुये की रही। पिछले तीन महीनों से आंखों की रोशनी धुंधली होने के कारण वे दैनिक जीवन में कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। जिला अस्पताल में दोनों आंखों का सफल ऑपरेशन होने के बाद उनकी दृष्टि वापस लौट आई।
माड़वी मुये ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन की पहल से उन्हें नया जीवन मिला है। उन्होंने इसके लिए आभार व्यक्त किया।
मरीजों को घर तक पहुंचाने की व्यवस्था
अस्पताल से छुट्टी के दौरान मरीजों का उत्साह बढ़ाने के लिए फल वितरित किए गए। इसके बाद सभी मरीजों को सुरक्षित रूप से उनके गांवों तक पहुंचाया गया। जिला प्रशासन ने ऑपरेशन के बाद मरीजों और उनके परिजनों को अन्य जरूरतमंद लोगों को भी उपचार के लिए प्रेरित करने की अपील की है।
बदलते सुकमा की नई तस्वीर
प्रशासन का कहना है कि नक्सल गतिविधियों में कमी आने के बाद अब सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है। इससे ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों में भटकना नहीं पड़ रहा और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके घरों तक पहुंच रहा है।





