छत्तीसगढ़ शासन की नियद नेल्ला नार योजना एवं सुकर त्रई योजना के अंतर्गत ग्राम बंडा के 10 अनुसूचित जनजाति वर्ग के ग्रामीणों को उन्नत नस्ल के सुकर वितरित किए गए, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर सृजित हुए।
जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग के संयुक्त प्रयासों से ग्राम बंडा के चयनित लाभार्थियों को प्रत्येक को 1 नर और 2 मादा उन्नत नस्ल के सुकर प्रदान किए गए। वितरण के दौरान पशुपालन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को सुकर पालन की सही विधि, संतुलित आहार, स्वास्थ्य देखभाल और प्रबंधन के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण दिया।
लाभार्थियों ने बताया कि अब उन्हें गांव में ही नियमित रोजगार का अवसर मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और परिवार की जरूरतें आसानी से पूरी हो पाएंगी।
सुकमा कलेक्टर के अनुसार, यह पहल दूरस्थ, दुर्गम और संचारविहीन क्षेत्रों में शासन की योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण है। योजना से न केवल आर्थिक, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में भी ग्रामीणों को लाभ मिलेगा।
नियद नेल्ला नार योजना से वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों में आत्मनिर्भरता और सकारात्मक बदलाव की भावना बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहल उनके जीवन में नई उम्मीद और स्थायी आजीविका के अवसर लेकर आई है।




