September 4, 2026

सुकमा पुलिस की अनोखी पहल ‘निवा दुवाड़ ते’, गांव-गांव पहुंचकर सुनी जा रहीं ग्रामीणों की समस्याएं

सुकमा। पुलिस अधीक्षक सुकमा मयंक गुर्जर के नेतृत्व में पुलिस लगातार ऐसे अभियानों को बढ़ावा दे रही है, जिनका उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय और सामाजिक समरसता स्थापित करना है। इसी कड़ी में सुकमा पुलिस ने ‘निवा दुवाड़ ते’ अभियान की शुरुआत की है। स्थानीय भाषा में इसका अर्थ ‘आपके द्वार’ है।

इस अभियान के तहत पुलिस गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुन रही है और स्थानीय स्तर पर मौजूद मूलभूत समस्याओं की पहचान कर उनके निराकरण की दिशा में काम कर रही है। अभियान की शुरुआत ऐसे क्षेत्र से हुई है, जो देश में सबसे अधिक जवानों के शहीद होने वाले गांवों में शामिल चिंतागुफा के नाम से भी जाना जाता है।

ग्रामीणों की समस्याओं का किया जा रहा चिन्हांकन

‘निवा दुवाड़ ते’ अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सीधे प्रशासन और संबंधित विभागों से जोड़ना है। पुलिस टीम गांवों में पहुंचकर लोगों से बातचीत कर उनकी शिकायतें और जरूरतें दर्ज कर रही है।

प्राप्त शिकायतों का त्वरित और प्रभावी निराकरण कराने के लिए संबंधित विभागों एवं प्रशासन तक जानकारी पहुंचाई जा रही है।

बुनियादी सुविधाओं की समस्याओं पर भी फोकस

अभियान के दौरान गांवों में सड़क, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं की भी पहचान की जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर उनके समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई कराई जाए।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेंगी सरकारी योजनाएं

सुकमा पुलिस की इस पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाना भी है। पुलिस ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और उनसे मिलने वाले लाभों की जानकारी दे रही है, ताकि पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ मिल सके।

पुलिस के अनुसार, लोगों की समस्याएं सुनना, समाधान की दिशा में प्रयास करना और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही ‘निवा दुवाड़ ते’ अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।