July 29, 2026

सुप्रीम कोर्ट का छत्तीसगढ़ सरकार को निर्देश, विशेष शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करें

नई दिल्ली/रायपुर। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (Children with Special Needs) की शिक्षा व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए राज्य सरकार को विशेष शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

मामला “राजनीश कुमार पांडेय एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य” से जुड़ा है, जिसमें आरसीआई प्रशिक्षित शिक्षक संघ (छत्तीसगढ़) की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की गई। संघ की ओर से एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड कौस्तुभ शुक्ला और अधिवक्ता पलाश तिवारी ने पक्ष रखा।

राज्य सरकार ने कोर्ट में क्या बताया

सुप्रीम कोर्ट में राज्य शासन की ओर से दायर हलफनामे में बताया गया कि राज्य में विशेष शिक्षकों के कुल 848 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 100 पदों के लिए 3 अक्टूबर 2025 को विज्ञापन जारी किया गया था।

सरकार ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया के तहत भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) की निर्धारित योग्यता रखने वाले 62 शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है, जबकि शिक्षक पात्रता परीक्षा से जुड़े विषयों के कारण 38 पद अब भी रिक्त हैं।

155 ब्लॉक रिसोर्स पर्सन और 85 विशेष शिक्षकों पर भी निर्देश

आरसीआई प्रशिक्षित शिक्षक संघ की ओर से अदालत को बताया गया कि वर्तमान में प्राथमिक स्तर पर 155 ब्लॉक रिसोर्स पर्सन संविदा आधार पर कार्यरत हैं, जबकि माध्यमिक स्तर पर 85 विशेष शिक्षक निश्चित मानदेय पर सेवाएं दे रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि इन सभी 155 ब्लॉक रिसोर्स पर्सन और 85 विशेष शिक्षकों को उनके शैक्षणिक एवं व्यावसायिक दस्तावेजों सहित स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष प्रस्तुत होने का अवसर दिया जाए।

अदालत ने कहा कि यदि ये अभ्यर्थी Rehabilitation Council of India (RCI) द्वारा निर्धारित योग्यता और अन्य आवश्यक पात्रताएं पूरी करते हैं, तो उनकी नियुक्ति पर विधिसम्मत विचार किया जाए।

नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की भी अनुमति

सुप्रीम Court ने स्पष्ट किया कि इन 155 ब्लॉक रिसोर्स पर्सन और 85 विशेष शिक्षकों के मामलों में निर्णय और पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य सरकार शेष रिक्त पदों को भरने के लिए नई भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सकती है।

राज्य में 49 हजार से अधिक विशेष आवश्यकता वाले बच्चे

अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ में 49 हजार से अधिक विशेष आवश्यकता वाले बच्चे हैं, जबकि राज्य में करीब 3981 विशेष शिक्षकों की जरूरत है।

अदालत ने समावेशी शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। इस आदेश को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के शिक्षा के अधिकार को सुनिश्चित करने और छत्तीसगढ़ में गुणवत्तापूर्ण समावेशी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।