September 4, 2026

सुप्रीम कोर्ट से CGMSC को बड़ी राहत, हाईकोर्ट का 1 लाख का जुर्माना रद्द; टेंडर प्रक्रिया को माना नियमों के अनुरूप

रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) की टेंडर प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें CGMSC पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। शीर्ष अदालत के फैसले के बाद निगम की टेंडर प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप माना गया है।

मामला एक टेंडर प्रक्रिया से जुड़ा था, जिसमें एक ठेकेदार ने CGMSC की कार्रवाई के खिलाफ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में शिकायत की थी। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने निगम पर एक लाख रुपये का हर्जाना लगाया था। इसके खिलाफ CGMSC ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सामने आया कि ठेकेदार ने टेंडर फॉर्म में अपनी आधिकारिक ईमेल आईडी दर्ज की थी। निगम की ओर से टेंडर से संबंधित आवश्यक सूचनाएं और संदेश उसी ईमेल आईडी पर निर्धारित समय के भीतर भेजे गए थे। इसके बावजूद ठेकेदार ने तय समय सीमा में आवश्यक जवाब नहीं दिया।

अदालत ने माना कि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने के बाद ठेकेदार को टेंडर प्रक्रिया से बाहर करने की कार्रवाई नियमों के तहत की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में CGMSC की ओर से किसी तरह की प्रक्रियात्मक गलती नहीं पाई।

शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट की ओर से CGMSC पर लगाए गए एक लाख रुपये के जुर्माने को रद्द कर दिया। फैसले के बाद निगम की ओर से कहा गया कि टेंडर प्रक्रिया में निर्धारित नियमों और पारदर्शिता का पालन किया गया था।

CGMSC ने कहा कि वह आगे भी राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए खरीद और टेंडर प्रक्रियाओं में नियमों, पारदर्शिता और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए काम करता रहेगा।