नई दिल्ली। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच एनसीपी (शरद पवार गुट) सांसद सुप्रिया सुले ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की खुलकर तारीफ की है। महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर है और इसे परिसीमन से जोड़कर देख रहा है।
सुप्रिया सुले ने राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कहा कि यदि “ईमानदारी का ओलंपिक मेडल” होता तो वह राहुल गांधी को मिल जाता। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
महिला आरक्षण पर क्या कहा
सुप्रिया सुले ने कहा कि यह वास्तव में महिला आरक्षण का बिल नहीं बल्कि परिसीमन से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने दावा किया कि महिला आरक्षण विधेयक पहले ही 2003 में पारित हो चुका है और राष्ट्रपति द्वारा इसे अधिसूचित भी किया जा चुका है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि जनगणना प्रक्रिया के कारण 2029 तक आरक्षण लागू होने में देरी बताई जा रही है, तो इसे तेज करने से किसने रोका था।
मुख्यमंत्री फडणवीस पर टिप्पणी
सुले ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर राज्य में आदिवासी लड़कियों के लापता होने के मामलों पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने MHADA के सीईओ संजीव जायसवाल से जुड़े कथित वायरल वीडियो पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को इस मामले में उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर जारी बहस के बीच सुप्रिया सुले के बयान ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ओर से इस मुद्दे पर बयानबाजी तेज हो गई है।





