रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार 2026 ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव की नई मिसाल बनता जा रहा है। यह पहल अब केवल सरकारी आयोजन तक सीमित नहीं रही, बल्कि ग्रामीणों के लिए समस्याओं के समाधान, आत्मनिर्भरता और विकास का मजबूत माध्यम बन चुकी है। प्रदेश के विभिन्न गांवों में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है।
विकासखंड पथरिया के ग्राम पंचायत गंगद्वारी में आयोजित समाधान शिविर में शिवशक्ति महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं को मत्स्य पालन के लिए मछली जाल उपलब्ध कराया गया। समूह की सचिव मीना राजपूत ने शिविर में मछली बीज और जाल की मांग रखी थी, जिसे प्रशासन ने तत्काल स्वीकृत कर दिया। जाल मिलने के बाद समूह की महिलाओं ने मछली पालन का कार्य तेजी से शुरू किया, जिससे उनकी आय और आत्मविश्वास दोनों में बढ़ोतरी हुई है।
मीना राजपूत ने कहा कि योजनाओं की असली ताकत तब दिखाई देती है, जब उनका लाभ सीधे जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रशासन का आभार जताया।
इसी तरह, नील दिवाकर की कहानी भी महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणादायक मिसाल बन गई है। एक समय सीमित संसाधनों के साथ छोटे स्तर पर मछली पालन करने वाली नील दिवाकर आज “लखपति दीदी” के रूप में पहचान बना चुकी हैं। बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन मिला, जिसके बाद उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन शुरू किया।
इस पहल का परिणाम यह रहा कि उनकी मासिक आय 15 हजार रुपये से बढ़कर 50 हजार रुपये तक पहुंच गई और उनका व्यवसाय 1 एकड़ से बढ़कर 2 एकड़ तक फैल गया। आज नील दिवाकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
वहीं विकासखंड लोरमी के ग्राम कारीडोंगरी में आयोजित समाधान शिविर में कल्याणी स्व-सहायता समूह को 75 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। समूह की सदस्य शिवकुमारी यादव ने बताया कि पहले संसाधनों की कमी के कारण व्यवसाय को आगे बढ़ाना मुश्किल था, लेकिन अब सरकारी सहायता से वे स्वरोजगार को विस्तार दे पा रही हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
सुशासन तिहार 2026 को शासन और जनता के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी माना जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि योजनाओं का लाभ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया जाए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
प्रदेश में शिवशक्ति समूह, नील दिवाकर और कल्याणी समूह जैसी कहानियां अब इस बात का उदाहरण बन रही हैं कि मजबूत नेतृत्व, संवेदनशील प्रशासन और प्रभावी योजनाओं से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।





