July 23, 2026

सुशासन तिहार शिविर में कांग्रेस का हंगामा, जनसमस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने किया बहिष्कार

बिलासपुर। बिल्हा विकासखंड के ग्राम गोढ़ी में आयोजित विकासखंड स्तरीय सुशासन तिहार शिविर के दौरान कांग्रेस नेताओं और ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जनसमस्याओं के निराकरण में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिविर का बहिष्कार कर दिया।

जनसमस्याओं के समाधान नहीं होने पर जताया आक्रोश
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा विभिन्न समस्याओं को लेकर कई बार आवेदन दिए गए, लेकिन अब तक उनका समाधान नहीं किया गया। उन्होंने बिजली, पेयजल, सड़क, खाद-बीज और अन्य मूलभूत सुविधाओं की बदहाल स्थिति को लेकर प्रशासन को घेरा।

विभागीय अधिकारियों से मांगा जवाब
शुक्ला ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE), कृषि, विद्युत और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों से क्षेत्र की समस्याओं पर जवाब मांगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक शिविर केवल औपचारिकता बनकर रह गया है, जबकि लोगों की वास्तविक समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

सड़क निर्माण में देरी पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं ने नगपुरा-झाल और मोहदा मार्ग निर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर भी नाराजगी जताई। राजेंद्र शुक्ला ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने मंच से जनहित के मुद्दे उठाने शुरू किए तो उनका माइक बंद कर दिया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।

ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रखीं कई मांगें
विरोध प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र में शराब दुकान बंद करने, अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाने, किसानों को समय पर बिजली-पानी और खाद-बीज उपलब्ध कराने, वृद्धजनों को नियमित पेंशन देने तथा पात्र हितग्राहियों को महतारी वंदन योजना की राशि समय पर जारी करने की मांग उठाई गई।

नारेबाजी के बीच कार्यक्रम का बहिष्कार
मांगों को लेकर नारेबाजी के बीच माहौल गरमा गया और बड़ी संख्या में ग्रामीणों तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुशासन तिहार कार्यक्रम का बहिष्कार करते हुए शिविर स्थल छोड़ दिया। विरोध प्रदर्शन के चलते कुछ समय तक कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

प्रशासन ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण और मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि ग्रामीणों और कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।