July 29, 2026

सुशासन तिहार बना बदलाव की मिसाल, साय सरकार ने जनता और शासन के बीच घटाई दूरी

Raipur। छत्तीसगढ़ सरकार का “सुशासन तिहार” अब केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाला अभियान बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में शुरू किए गए इस अभियान ने शासन और जनता के बीच की दूरी कम करते हुए संवेदनशील, जवाबदेह और परिणाममुखी प्रशासन की नई तस्वीर पेश की है।

सुशासन तिहार बना समस्याओं के समाधान का माध्यम

ग्राम पंचायत नाका के किसान गंगा प्रसाद खुसरो की किसान किताब में त्रुटि होने के कारण उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। सुशासन तिहार में आवेदन देने के बाद राजस्व विभाग ने त्वरित कार्रवाई कर समस्या का समाधान कर दिया। इससे न केवल उनकी परेशानी दूर हुई, बल्कि प्रशासन के प्रति उनका भरोसा भी मजबूत हुआ।

इसी तरह मरवाही विकासखंड के ग्राम सेमरदर्री निवासी भवन सिंह को वर्षों से किसान किताब नहीं मिल पा रही थी। सुशासन तिहार शिविर में उन्हें मौके पर ही किसान किताब उपलब्ध करा दी गई। वहीं ग्राम सकोला की नीतू मार्को को दीमक से खराब हुई किसान किताब के बदले नई किसान किताब प्रदान की गई।

15 मिनट में मिला ड्राइविंग लर्निंग लाइसेंस

पेंड्रा विकासखंड के हेमंत कुमार के लिए सरकारी सेवाओं का अनुभव पहले काफी जटिल रहा था, लेकिन सुशासन तिहार के दौरान उन्हें मात्र 15 मिनट में ड्राइविंग लर्निंग लाइसेंस मिल गया। बिना लंबी कतार और परेशानी के मिली इस सुविधा ने युवाओं का भरोसा प्रशासन पर और मजबूत किया है।

दिव्यांग बच्चों और जरूरतमंदों को मिला सहारा

समग्र शिक्षा अभियान के तहत गौरेला जिले की छात्रा महेश्वरी, जो पहले चलने में असमर्थ थी, अब फिजियोथेरेपी और विशेषज्ञों की मदद से दौड़ने और पढ़ाई करने में सक्षम हो गई है।

वहीं जनपद पंचायत मरवाही के ग्राम कटरा निवासी 80 प्रतिशत दिव्यांग स्वरूप सिंह पोर्ते को सुशासन तिहार शिविर में व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गई। इससे उन्हें आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में बड़ी मदद मिली है।

प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली जिंदगी

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पेंड्रा विकासखंड के ग्राम दमदम की भारती और ग्राम देवरीखुर्द की कौशिल्या बाई जैसी महिलाओं को पक्का मकान मिलने से उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। कच्चे मकानों में असुरक्षा और बारिश की परेशानी झेलने वाली महिलाएं अब सुरक्षित जीवन जी रही हैं।

इसके साथ ही महतारी वंदन योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता ने महिलाओं को आर्थिक रूप से भी मजबूत किया है।

बिहान योजना से महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर

ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के तहत गौरेला विकासखंड के ग्राम मंदपुर निवासी उषा राठौर ने स्व सहायता समूह से जुड़कर अपना व्यवसाय बढ़ाया और अब हर महीने 10 से 12 हजार रुपए की आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

“सुशासन तिहार” से बनी नई प्रशासनिक पहचान

सुशासन तिहार के जरिए राज्य सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि शासन अब केवल आदेश देने वाली व्यवस्था नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान करने वाली संवेदनशील प्रणाली बन रहा है।

गंगा प्रसाद, भवन सिंह, नीतू मार्को, हेमंत कुमार, महेश्वरी, भारती, कौशिल्या, उषा राठौर और स्वरूप सिंह जैसी कहानियां इस अभियान की जमीनी सफलता को दर्शाती हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में विकसित हो रही यह सुशासन की नई कार्यशैली आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकती है।