July 30, 2026

बीजापुर: तेंदूपत्ता गोदाम आगजनी मामले में नया मोड़, निलंबित वन रक्षक ने अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप

बीजापुर। ईटपाल तेंदूपत्ता गोदाम में हुई भीषण आगजनी के मामले में नया मोड़ आ गया है। आग की घटना में करीब 25 हजार मानक बोरा तेंदूपत्ता जलकर खाक हो गया था, जिससे शासन को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। मामले में एक ओर जहां बीजापुर वनमंडलाधिकारी को रायपुर अटैच किया गया है, वहीं वन रक्षक कामेश्वर एनका को निलंबित कर दिया गया है। अब निलंबित वन रक्षक ने विभागीय अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए अपने निलंबन आदेश पर पुनर्विचार की मांग की है।

निलंबन पर पुनर्विचार की मांग

वन रक्षक कामेश्वर एनका ने उपनिदेशक, इंद्रावती टाइगर रिजर्व को पत्र लिखकर कहा है कि उन्हें 19 मई को जारी आदेश के तहत मोहम्मद अताउर रहमान के गोदाम में संग्रहित तेंदूपत्ता लॉटों के भंडारण के लिए गोदाम सहायक नियुक्त किया गया था।

उनका कहना है कि जिस स्थान पर उनकी ड्यूटी लगाई गई थी, वहां कोई वाहन नहीं पहुंच रहा था, इसलिए उन्हें मौखिक आदेश के आधार पर अलग-अलग ब्लॉकों में भेजा जाता था।

आग लगने के समय मौजूद होने का दावा

कामेश्वर एनका ने पत्र में दावा किया है कि जिस दिन गोदाम में आग लगी, उस समय वह मौके पर मौजूद थे। आग लगने के बाद उन्होंने आग बुझाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैलने के कारण उस पर काबू नहीं पाया जा सका।

गोदाम प्रभारी पर लगाए आरोप

निलंबित वन रक्षक ने आरोप लगाया है कि आगजनी के दौरान गोदाम प्रभारी दीनानाथ गोसाईं आग बुझाने में सहयोग करने के बजाय अपनी निजी गाड़ी को सुरक्षित निकालने में व्यस्त थे। उन्होंने यह भी कहा कि घटना के समय गोदाम के नियंत्रणकर्ता अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे।

न्याय नहीं मिलने पर कोर्ट जाने की चेतावनी

कामेश्वर एनका ने अपने आवेदन में कहा है कि उन्होंने पूरी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाई और आग बुझाने का प्रयास किया। ऐसे में उन्हें निलंबित करना उचित नहीं है। उन्होंने विभाग से निलंबन आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो वह न्यायालय की शरण लेने के लिए बाध्य होंगे।

आगजनी मामले की जांच जारी

गौरतलब है कि ईटपाल तेंदूपत्ता गोदाम में हुई आगजनी से लगभग 25 हजार मानक बोरा तेंदूपत्ता नष्ट हो गया था। घटना के बाद विभागीय स्तर पर जांच जारी है और प्रशासनिक कार्रवाई भी की गई है। अब निलंबित वन रक्षक के आरोपों के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।