कोलकाता। बीजेपी नेता Suvendu Adhikari के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में पुलिस जांच में बड़े खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक यह हत्या पूरी तरह से प्री-प्लान्ड (सुनियोजित) साजिश के तहत की गई थी और इसके तार बिहार से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए लगभग 30 से 40 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। वारदात को अंजाम देने के लिए बिहार से दो शार्प शूटर्स को बुलाया गया था, जिन्हें स्थानीय अपराधियों ने लॉजिस्टिक सपोर्ट और वाहन उपलब्ध कराया था।
सुनियोजित रेकी और निगरानी के सबूत
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने घटना से पहले कई दिनों तक चंद्रनाथ रथ की गतिविधियों पर नजर रखी थी। सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस डाटा से पता चला है कि हमलावर बेलघरिया एक्सप्रेसवे और बारासात जैसे इलाकों में लगातार मूवमेंट कर रहे थे।
जांचकर्ताओं का मानना है कि इस पूरे ऑपरेशन में किसी करीबी व्यक्ति की भूमिका हो सकती है, जिसने पीड़ित की गतिविधियों की जानकारी लीक की।
बाइक चोरी और पहचान छुपाने की कोशिश
वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक को बिधाननगर इलाके में एक पुराने वाहन शोरूम के पास से चोरी किया गया था। बाद में बारासात के एक गैराज में उसके इंजन और चेसिस नंबरों से छेड़छाड़ की गई। बाइक का रजिस्ट्रेशन सिलीगुड़ी के एक व्यक्ति के नाम पर पाया गया है, जिससे जांच और पेचीदा हो गई है।
जांच तेज, कई संदिग्धों से पूछताछ
पुलिस ने इस मामले में कई संदिग्धों की पहचान की है और उनसे पूछताछ जारी है। एक महिला से भी पूछताछ की जा रही है, जिसे इस नेटवर्क से जुड़ा माना जा रहा है। जांच एजेंसियां अब स्थानीय अपराधियों और बाहरी शूटरों के बीच कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही हैं।
राजनीतिक एंगल पर भी सवाल
चंद्रनाथ रथ को सुवेंदु अधिकारी का बेहद करीबी और भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था। वे लंबे समय से राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय थे। बीजेपी नेता कीया घोष ने आरोप लगाया है कि यह हत्या राजनीतिक रंजिश का परिणाम हो सकती है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।





