September 4, 2026

स्थगन आदेश के बावजूद जमीन का नामांतरण, राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

बिलासपुर/तखतपुर। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तखतपुर के स्थगन आदेश के बावजूद ग्राम पंचायत मेंड्रा के खसरा नंबर 154/1 में नामांतरण किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि संबंधित भूमि पर खरीदी-बिक्री, निर्माण और नामांतरण पर रोक के बावजूद सकरी तहसीलदार ने इसी खसरे में नामांतरण आदेश पारित कर दिया। मामला सामने आने के बाद राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

अवैध प्लाटिंग की शिकायत के बाद लगाया गया था प्रतिबंध

जानकारी के अनुसार, खसरा नंबर 154/1 में अवैध प्लाटिंग कर जमीन की बिक्री किए जाने की शिकायत के बाद तखतपुर एसडीएम ने भूमि पर आगामी आदेश तक खरीदी-बिक्री, निर्माण और नामांतरण पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद इसी जमीन का नामांतरण किए जाने की बात सामने आई है।

पटवारी प्रतिवेदन में भी था स्थगन आदेश का उल्लेख

मामले में संबंधित हल्का पटवारी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में भी भूमि पर लागू स्थगन आदेश का उल्लेख किए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब सक्षम अधिकारी का आदेश प्रभावी था और पटवारी प्रतिवेदन में भी इसका स्पष्ट उल्लेख था, तो नामांतरण की कार्रवाई किस आधार पर की गई।

नामांतरण को लेकर विवाद बढ़ा

नामांतरण आदेश सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ने लगा है। अब प्रकरण को दोबारा अवलोकन में लिए जाने की बात कही जा रही है। पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग उठ रही है।

हालांकि, नामांतरण आदेश किन परिस्थितियों में जारी किया गया और इसके पीछे संबंधित अधिकारी का क्या पक्ष है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

तहसीलदार का पक्ष नहीं आया सामने

मामले को लेकर सकरी तहसीलदार राहुल शर्मा से फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। ऐसे में फिलहाल उनका पक्ष सामने नहीं आ सका है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।

एसडीएम ने जांच का दिया भरोसा

तखतपुर एसडीएम नितिन तिवारी ने कहा कि स्थगन आदेश के बाद भी यदि नामांतरण किया गया है तो यह नियम विरुद्ध है। उन्होंने मामले की जांच कराने की बात कही है। एसडीएम के मुताबिक, जांच में यदि अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ राजस्व अधिनियम के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी।