September 4, 2026

तमिलनाडु विधानसभा में NEET के खिलाफ प्रस्ताव पारित, BJP विधायक ने किया विरोध और वॉकआउट; मेडिकल दाखिले में छूट की मांग

चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा में मंगलवार को राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET) के खिलाफ एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किया गया। प्रस्ताव में मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए NEET को खत्म करने और तमिलनाडु को इस परीक्षा से छूट देने की मांग की गई। प्रस्ताव को DMK, AIADMK, वाम दलों और PMK का समर्थन मिला, जबकि सदन में मौजूद एकमात्र BJP विधायक ने इसका विरोध करते हुए वॉकआउट किया।

स्वास्थ्य मंत्री ने उठाई NEET खत्म करने की मांग

तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री और टीवीके नेता के. अरुणराज ने विधानसभा में NEET विरोधी प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि NEET के कारण छात्रों का ध्यान स्कूली शिक्षा से हटकर महंगी कोचिंग की ओर केंद्रित हो रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि NEET के चलते राज्य में निजी कोचिंग संस्थानों की संख्या और उनकी फीस दोनों में बढ़ोतरी हुई है। उनके मुताबिक, परीक्षा ग्रामीण इलाकों और सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के छात्रों के लिए मेडिकल शिक्षा के अवसरों को प्रभावित कर रही है।

अरुणराज ने कहा कि 12 साल की स्कूली शिक्षा के बजाय एक दिन की NEET परीक्षा छात्रों की उच्च शिक्षा तय कर रही है। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय, समानता और राज्यों के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया।

2021 के विधेयक का भी प्रस्ताव में जिक्र

विधानसभा में पेश प्रस्ताव में 2021 में पारित विधेयक नंबर 43 का भी उल्लेख किया गया। इस विधेयक के माध्यम से तमिलनाडु ने स्नातक मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए NEET से छूट की मांग की थी।

हालांकि, राष्ट्रपति की मंजूरी नहीं मिलने के कारण यह मामला अब तक लंबित है। प्रस्ताव में NEET-UG से जुड़े कथित प्रश्नपत्र लीक और अन्य अनियमितताओं का भी हवाला दिया गया।

प्रस्ताव में कहा गया कि परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित किए जाने जैसी घटनाओं से छात्रों को परेशानी हुई और परीक्षा प्रणाली को लेकर उनका भरोसा प्रभावित हुआ।

कांग्रेस ने भी किया सरकार के रुख का समर्थन

कांग्रेस विधायक थारहाई कुथबर्ट ने भी NEET के खिलाफ सरकार के रुख का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार पहले से ही NEET के खिलाफ अपना रुख स्पष्ट करती रही है और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठा रही है।

NEET को लेकर राज्य में लंबे समय से जारी है विरोध

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का NEET विरोध उनके पूर्ववर्ती और DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन के लंबे समय से चले आ रहे रुख के अनुरूप है। दोनों ही राज्य के छात्रों के लिए मेडिकल दाखिले में NEET से छूट की मांग करते रहे हैं।

विधानसभा में प्रस्ताव आने के बाद NEET को लेकर केंद्र और राज्य के बीच अधिकारों तथा मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया पर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज होने के आसार हैं।