September 4, 2026

तमिलनाडु में CM विजय के ‘फ्री कार’ ऐलान पर सियासत गरम, DMK के 59 विधायकों ने ठुकराया ऑफर

तमिलनाडु। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की ओर से राज्य के 234 विधायकों को मुफ्त कार देने के ऐलान को लेकर तमिलनाडु की राजनीति गरमा गई है। शुक्रवार को विधानसभा में इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिली। इसी बीच विपक्षी दल DMK ने सरकार के इस ऑफर को ठुकराने का ऐलान किया है।

DMK ने राज्य पर बढ़ते कर्ज का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी के सभी 59 विधायक मुफ्त कार योजना का लाभ नहीं लेंगे। विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने इस फैसले की घोषणा की।

‘सरकार कर्ज में है तो मुफ्त कार क्यों?’

उदयनिधि स्टालिन ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि TVK सरकार सत्ता में आने के पहले दिन से ही राज्य की आर्थिक स्थिति खराब होने और सरकार पर कर्ज होने की बात कह रही है। ऐसे में विधायकों को मुफ्त कार देने का फैसला समझ से परे है।

उन्होंने कहा कि इसी वजह से DMK के सभी 59 विधायकों ने सरकार के इस ऑफर को स्वीकार नहीं करने का फैसला लिया है।

चुनावी हलफनामों की जांच की मांग

उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय से अपील की कि विधायकों को मुफ्त कार देने से पहले उनके चुनावी हलफनामों की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य पर कर्ज बढ़ रहा है, ऐसे में सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

भ्रष्टाचार की फाइलें सार्वजनिक करने की मांग

उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय से DMK की पिछली सरकार से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामलों की फाइलें भी सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जिन फाइलों के अपने पास होने का दावा किया था, उन्हें जनता के सामने रखा जाना चाहिए।

‘मुफ्त की चीजों के खिलाफ होने का दावा करती रही TVK’

DMK ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि TVK सत्ता में आने से पहले मुफ्त की योजनाओं और चीजों के खिलाफ होने की बात करती रही है। अब विधायकों को मुफ्त कार देने का ऐलान किया गया है।

फिलहाल, 234 विधायकों को मुफ्त कार देने के फैसले को लेकर सत्तारूढ़ TVK और विपक्षी DMK के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ता नजर आ रहा है। DMK के 59 विधायकों द्वारा योजना का लाभ नहीं लेने के ऐलान के बाद यह मुद्दा और गरमा गया है।