रायपुर |
छत्तीसगढ़ के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने मंगलवार को संवाद भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में अपने विभागों की दो साल की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने बीते दो वर्षों में बड़े और ठोस कदम उठाए हैं।
मंत्री टंकराम वर्मा ने जानकारी दी कि वर्ष 2023-24 में उच्च शिक्षा विभाग का बजट 1212.75 करोड़ रुपये था, जिसे वर्ष 2025-26 में बढ़ाकर 1822.75 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस तरह उच्च शिक्षा बजट में करीब 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जो राज्य सरकार की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उन्होंने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 से प्रदेश के 09 राजकीय विश्वविद्यालयों में से 07 विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 (NEP-2020) का क्रियान्वयन शुरू कर दिया गया है। इस नीति के तहत पाठ्यक्रमों को अधिक व्यवहारिक, कौशल आधारित और रोजगारोन्मुखी बनाया गया है।
कौशल और गुणवत्ता पर फोकस
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत अब तक
- 42 स्किल एन्हांसमेंट कोर्स (जैसे गार्डनिंग, मल्टीमीडिया एवं एनिमेशन),
- 108 जेनेरिक इलेक्टिव कोर्स,
- तथा एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्स विकसित किए गए हैं।
मंत्री वर्मा ने बताया कि शोध, गुणवत्ता और उद्योग से जुड़ाव को मजबूत करने के उद्देश्य से रुसा कार्यालय में 2 सदस्यीय “रिसर्च क्वालिटी इंडस्ट्रियल एकेडमिया कोलेबोरेशन सेल (RQIACC)” का गठन किया गया है। इसका मकसद उच्च शिक्षा संस्थानों और उद्योग जगत के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है।
इसके साथ ही पाठ्यक्रमों में भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विषयों को भी शामिल किया गया है, जिससे छात्रों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत से जोड़ा जा सके।
मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा संस्थानों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी और गुणवत्तापूर्ण बनाना है, ताकि यहां के युवा रोजगार और शोध दोनों क्षेत्रों में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।





