July 30, 2026

टिश्यू कल्चर सागौन से बढ़ेगी किसानों की आय, 5 एकड़ तक 100% अनुदान : केदार कश्यप

Raipur News Update : रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा है कि टिश्यू कल्चर तकनीक से तैयार सागौन के पौधे किसानों के लिए अधिक लाभकारी साबित होंगे। उन्होंने बताया कि इन पौधों की वृद्धि सामान्य पौधों की तुलना में तेज होती है और इससे बेहतर गुणवत्ता की लकड़ी प्राप्त होती है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी।

नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन में आयोजित “सागौन प्रबंधन एवं उन्नत सागौन रोपण” विषयक एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि सागौन एक सुरक्षित और दीर्घकालिक हरित निवेश है। इसकी मजबूती, टिकाऊपन और दीमक-रोधी गुणों के कारण इसे लकड़ी का राजा कहा जाता है। उन्होंने किसानों से भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए सागौन रोपण अपनाने की अपील की।

मंत्री ने बताया कि सागौन रोपण के शुरुआती वर्षों में किसान पौधों के बीच खाली स्थान पर दलहन, तिलहन और अन्य फसलें लेकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। वहीं 8 से 10 वर्षों बाद वृक्षों की छंटाई से भी आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निजी भूमि पर व्यावसायिक वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए विशेष अनुदान दे रही है। छोटे और सीमांत किसानों को 5 एकड़ तक सागौन रोपण पर 100 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है, जिसके तहत प्रति पौधा 94.50 रुपये की सहायता उपलब्ध है। वहीं 5 एकड़ से अधिक क्षेत्र में वृक्षारोपण करने वाले किसानों और संस्थाओं को 50 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।

कार्यशाला में कोयम्बटूर की वैज्ञानिक डॉ. रेखा आर. वारियर और डॉ. आर. यशोदा ने किसानों को उन्नत सागौन उत्पादन, मिट्टी चयन, पौधों की देखभाल, रोग प्रबंधन और टिश्यू कल्चर तकनीक की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि छत्तीसगढ़ की जलवायु और मिट्टी सागौन उत्पादन के लिए बेहद उपयुक्त है तथा बीजापुर, भोपालपटनम, कोटा, अंबागढ़ चौकी, रायगढ़, सराईपाली और नारायणपुर जैसे क्षेत्रों में इसकी व्यापक संभावनाएं हैं।

कार्यक्रम के समापन पर मंत्री श्री कश्यप ने किसानों से बड़े पैमाने पर सागौन रोपण अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि “खेत में सागौन, हर किसान समृद्ध” का संकल्प प्रदेश में हरित विकास और ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा देगा।