May 14, 2026

1 मई से शुरू होगी तोड़ाई, हड़ताल की चेतावनी के बीच सरकार का बड़ा फैसला

रायपुर: तेंदूपत्ता सीजन 2026 की शुरुआत से पहले छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए आवश्यक सेवा संधारण अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया है। बीजापुर वनमंडल में 1 मई से तेंदूपत्ता तोड़ाई शुरू होनी है, लेकिन इससे पहले कर्मचारियों और प्रबंधकों द्वारा 8 सूत्रीय मांगों को लेकर 27 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गई थी।

संभावित हड़ताल से तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य प्रभावित होने और राज्य को बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका को देखते हुए शासन ने 29 अप्रैल को यह आदेश जारी किया।

ESMA के तहत सख्ती:
सरकार के आदेश के अनुसार, तेंदूपत्ता सीजन में कार्यरत सभी कर्मचारी और प्रबंधक अब अत्यावश्यक सेवाओं के दायरे में आएंगे। कोई भी कर्मचारी अपने निर्धारित कार्य से इंकार नहीं कर सकेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

तीन महीने तक लागू रहेगा आदेश:
राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से यह आदेश आगामी 3 माह तक प्रभावी रहेगा। इससे स्पष्ट है कि सरकार किसी भी स्थिति में तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य को बाधित नहीं होने देना चाहती।

आजीविका से जुड़ा है मामला:
तेंदूपत्ता संग्रहण छत्तीसगढ़ के लाखों आदिवासी और वनवासी परिवारों की आय का प्रमुख स्रोत है। ऐसे में सरकार का यह कदम न केवल आर्थिक गतिविधियों को बनाए रखने, बल्कि संग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नजर पूरे सीजन पर:
अब देखना होगा कि ESMA लागू होने के बाद कर्मचारियों का रुख क्या रहता है और तेंदूपत्ता सीजन किस तरह से संचालित होता है। फिलहाल शासन ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी प्रकार की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।