रायपुर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित प्रबुद्धजन सम्मेलन एवं भाजपा ओबीसी मोर्चा की संभागीय बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू शामिल हुए। उन्होंने ओबीसी समाज की एकजुटता, सामाजिक सशक्तीकरण और संगठन की मजबूती को लेकर अपने विचार रखे।
तोखन साहू ने ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक साहू और उनकी टीम को प्रदेशभर में ओबीसी समाज को जोड़ने और जागरूक करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अन्य पिछड़ा वर्ग की करीब 67 जातियां हैं। जातियां भले अलग-अलग हों, लेकिन परंपराएं, रहन-सहन और सांस्कृतिक मूल्य एक हैं। यही समाज की सबसे बड़ी ताकत है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का किया उल्लेख
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओबीसी समाज और तेली समुदाय से आते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संघर्ष और मेहनत के दम पर देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचकर यह संदेश दिया है कि नए भारत में अवसर किसी परिवार की जागीर नहीं, बल्कि मेहनत और प्रतिभा के आधार पर हासिल किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि देश के राजनीतिक इतिहास में ओबीसी समाज से दो प्रधानमंत्री बने हैं—एचडी देवगौड़ा और नरेंद्र मोदी।
ओबीसी अधिकारों के संघर्ष का इतिहास बताया
तोखन साहू ने ओबीसी आरक्षण के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि 1953 में काका कालेलकर आयोग का गठन हुआ और 1955 में उसकी रिपोर्ट आई, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया। इसके बाद 1979 में मोरारजी देसाई सरकार के दौरान मंडल आयोग का गठन हुआ। आयोग ने 1980 में अपनी रिपोर्ट पेश की और पिछड़े वर्गों के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश की।
उन्होंने कहा कि 1990 में वीपी सिंह सरकार ने मंडल आयोग की सिफारिशों के आधार पर ओबीसी आरक्षण लागू किया और 1992 में सुप्रीम कोर्ट ने इंद्रा साहनी मामले में इसे संवैधानिक मान्यता दी।
मोदी सरकार के कार्यों का किया जिक्र
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद सामाजिक न्याय को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उन्होंने 2018 के 102वें संविधान संशोधन के जरिए राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिए जाने का उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि 2017 में क्रीमी लेयर की आय सीमा 6 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपये सालाना की गई। ओबीसी समुदाय की विभिन्न जातियों तक आरक्षण का लाभ समान रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से न्यायमूर्ति रोहिणी आयोग का गठन किया गया। वहीं, 2021 में NEET के ऑल इंडिया कोटा की MBBS और PG सीटों में ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया।
संगठन को मजबूत करने का आह्वान
तोखन साहू ने 105वें संविधान संशोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके जरिए राज्यों को अपनी ओबीसी सूची तैयार करने का अधिकार मिला। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने ओबीसी समाज को सम्मान, अधिकार और अवसर देने का काम किया है।
उन्होंने ओबीसी समाज के लोगों से एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री अजय जामलाल, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, प्रदेश ओबीसी मोर्चा प्रभारी लखन साहू, प्रदेश अध्यक्ष अशोक साहू सहित पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे।





