नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरान को लेकर दिए गए सख्त बयान का असर वैश्विक वित्तीय बाजारों के साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। NATO समिट के दौरान ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ हुआ सीजफायर समझौता अब समाप्त हो चुका है और अमेरिका फिलहाल तेहरान के साथ किसी नई डील के पक्ष में नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका का उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करना है और किसी भी उकसावे का कड़ा जवाब दिया जाएगा।
ट्रम्प के बयान के बाद वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ गई, जिसका असर बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में भी दिखा। कारोबार की शुरुआत से ही बाजार दबाव में रहा, जबकि अंतिम कारोबारी घंटे में तेज बिकवाली से प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स 1800 अंक टूटा, निफ्टी 550 अंक फिसला
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स पिछले बंद 78,180 अंक के मुकाबले गिरावट के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में ही यह 550 अंक से अधिक टूट गया। दिनभर सीमित दायरे में कारोबार के बाद अंतिम घंटे में बिकवाली तेज हुई और सेंसेक्स करीब 1,800 अंक गिरकर 76,392 के स्तर पर बंद हुआ।
वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 भी दबाव में रहा। 24,398 के पिछले बंद के मुकाबले यह 24,259 पर खुला और बाद में गिरावट बढ़ते हुए करीब 550 अंक टूटकर 23,845 के स्तर तक पहुंच गया।
हर सेक्टर में बिकवाली का दबाव
बाजार में केवल लार्जकैप ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी व्यापक बिकवाली देखने को मिली। निवेशकों ने बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ता है, तो आने वाले दिनों में वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय शेयर बाजार में भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।





