वॉशिंगटन / कैरिबियन सागर।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक विदेश नीति एक बार फिर दुनिया को तीसरे विश्वयुद्ध की ओर धकेलने की आशंका बढ़ा रही है। रूस की सख्त चेतावनी के बावजूद अमेरिकी सेनाओं ने लगातार तीसरे दिन कैरिबियन सागर में कार्रवाई करते हुए ‘ओलीना’ (Olina) नामक तेल टैंकर को जब्त कर लिया है। दावा किया जा रहा है कि यह रूसी जहाज है और वेनेज़ुएला से प्रतिबंधित तेल ले जा रहा था।
यह कार्रवाई वेनेज़ुएला के खनन तेल पर नियंत्रण को लेकर ट्रंप प्रशासन की अब तक की सबसे आक्रामक समुद्री मुहिम का हिस्सा मानी जा रही है।
पूर्व-सुबह ऑपरेशन में US नेवी और मरीन की बड़ी कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, यूएस नेवी और मरीन कॉर्प्स के जवानों ने पूर्व-सुबह विशेष ऑपरेशन के तहत इस टैंकर को रोका और फिर उसे जब्त कर लिया।
यह पांचवां तेल टैंकर है जिसे अमेरिका ने इस अभियान के तहत कब्जे में लिया है।
US Southern Command का कड़ा संदेश
अमेरिकी दक्षिणी कमान (US Southern Command) ने जब्ती की पुष्टि करते हुए बयान जारी किया—
“अपराधियों के लिए अब कहीं भी छिपने की जगह नहीं है।”
US Southern Command ने कहा कि समुद्र में भी अब क्रिमिनल गतिविधियों के लिए कोई सुरक्षित स्थान नहीं बचा है। यह कार्रवाई वेनेज़ुएला के तेल वितरण को नियंत्रित करने के लिए चलाए जा रहे व्यापक दबाव अभियान का हिस्सा है।
गृह सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम का बयान
अमेरिका की गृह सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा—
“दुनिया के अपराधियों को साफ संदेश दे दिया गया है। आज तड़के अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में मोटर टैंकर ओलीना को रोका और जब्त किया। यह एक और तथाकथित ‘घोस्ट फ्लीट’ टैंकर था, जिस पर प्रतिबंधित तेल ले जाने का संदेह था।”
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी कोस्ट गार्ड प्रतिबंधित तेल व्यापार, नशीले पदार्थों से जुड़े आतंकवाद और अवैध फंडिंग की जड़ों को खत्म करने के लिए पूरी सख्ती से कार्रवाई करेगा।
इससे पहले भी जब्त हो चुके हैं रूसी टैंकर
इससे पहले अमेरिका ने
- उत्तरी अटलांटिक महासागर में रूसी झंडे वाले टैंकर ‘मैरिनेरा’ (Marinera) को जब्त किया था
- जबकि दूसरा रूसी टैंकर कैरिबियन सागर में पकड़ा गया
बताया जा रहा है कि अमेरिकी सैनिक कई दिनों से ‘मैरिनेरा’ का पीछा कर रहे थे।
रूस का कड़ा विरोध, अंतरराष्ट्रीय कानून उल्लंघन का आरोप
रूस के परिवहन मंत्रालय ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है। मॉस्को और वॉशिंगटन के बीच इस मुद्दे पर राजनयिक टकराव तेज़ हो गया है।
चिंता की बात यह भी है कि ‘मैरिनेरा’ के चालक दल में तीन भारतीय नागरिक शामिल हैं। रूस ने उनकी सुरक्षित रिहाई के लिए अमेरिका से औपचारिक अपील की है।
बढ़ता तनाव, वैश्विक संकट की आशंका
लगातार तेल टैंकरों की जब्ती, रूस-अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव और समुद्री सैन्य कार्रवाइयों ने वैश्विक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यदि हालात ऐसे ही रहे, तो यह टकराव बड़े वैश्विक संघर्ष का रूप ले सकता है।





