March 5, 2026

UGC के नए नियमों के विरोध में सवर्ण समाज ने किया बंद का आह्वान, बिलासपुर में स्थिति शांत

बिलासपुर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों के खिलाफ आज देशभर में सवर्ण समाज ने बंद का आह्वान किया। हालांकि, बिलासपुर में बंद का असर कम दिखाई दिया और शहर का मुख्य बाजार सामान्य दिनों की तरह खुले रहे।

दिन भर जैसे-जैसे समय बढ़ा, विभिन्न सामाजिक और छात्र संगठनों ने सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया। सामान्य वर्ग के समाज प्रतिनिधियों, शिक्षकों और छात्रों ने नए UGC नियमों पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि ये नियम शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के हितों के खिलाफ हैं।

यूजीसी कानून विरोध आंदोलन के संयोजक डॉ. प्रदीप शुक्ला ने बताया कि जब तक ये नियम रद्द नहीं होते, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आज शहर में बड़ी रैली निकालकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की तैयारी है। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

विरोध के पीछे कारण
विरोधियों का तर्क है कि नए नियम सामान्य वर्ग के छात्रों के हितों की अनदेखी करते हैं और नियम का दुरुपयोग हो सकता है। मुख्य कारणों में शामिल हैं:

  1. OBC को शामिल करना: SC-ST के साथ अब OBC को भी सुरक्षा प्रावधान में शामिल करने से नियम का दुरुपयोग हो सकता है।
  2. झूठे आरोपों का डर: ‘इक्विटी स्क्वाड’ और ‘समता दूत’ जैसी व्यवस्थाओं से निर्दोष छात्रों और शिक्षकों को झूठे मामलों में फंसाया जा सकता है।
  3. असमान सुरक्षा: नियम आरक्षित वर्गों के लिए सुरक्षा की बात करते हैं, जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए स्पष्ट सुरक्षा ढांचा नहीं दिखता।

सुप्रीम कोर्ट की रोक
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने नए नियमों पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि ‘भेदभाव’ की परिभाषा वर्तमान रेगुलेशन में धुंधली है और नियम को और अधिक समावेशी बनाने की जरूरत है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक अंतिम फैसला नहीं आता, 2012 के पुराने UGC नियम ही लागू रहेंगे।