May 17, 2026

किसान की बेटी दर्शना सिंह बनी IPS, UPSC में 383वीं रैंक हासिल कर बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान

मनेंद्रगढ़। यूपीएससी के घोषित परिणाम में छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले की रहने वाली किसान की बेटी दर्शना सिंह ने शानदार सफलता हासिल करते हुए प्रदेश का नाम रोशन किया है। दर्शना सिंह ने 383वीं रैंक प्राप्त कर आईपीएस के लिए चयन सूची में जगह बनाई है।

दर्शना सिंह जनकपुर की रहने वाली हैं, जो पहले ग्राम पंचायत था और अब नगर पंचायत बन चुका है। उनकी माता सीमा सिंह नगर पंचायत जनकपुर की पार्षद हैं, जबकि पिता अरुण सिंह किसान हैं। दर्शना ने अपनी बारहवीं तक की पढ़ाई गांव के ही स्कूल से की। गणित विषय से 12वीं पास करने के बाद उन्होंने जेईई परीक्षा पास की और आईआईटी कानपुर में प्रवेश लिया। वहीं से उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।

पांचवीं कक्षा से देखा था अफसर बनने का सपना
दर्शना सिंह ने बताया कि जब वह पांचवीं कक्षा में पढ़ती थीं, तभी से प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना देखा था। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली जाकर एक साल तक कोचिंग ली और बाद में उसी के नोट्स से तैयारी जारी रखी। मुख्य परीक्षा में उन्होंने वैकल्पिक विषय के रूप में समाजशास्त्र चुना।

उन्होंने बताया कि वैकल्पिक विषय वही चुनना चाहिए, जिसमें रुचि हो और जिसे लंबे समय तक पढ़ा जा सके। पहले प्रयास में उन्होंने प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा पास कर साक्षात्कार तक जगह बनाई, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरे प्रयास में 383वीं रैंक हासिल कर आईपीएस के लिए चयनित हो गईं।

साक्षात्कार की तैयारी सामाजिक संवाद से की
दर्शना ने बताया कि इंटरव्यू की तैयारी के लिए उन्होंने माता-पिता, शिक्षकों और दोस्तों से लगातार चर्चा की और अपने गांव, जिले व प्रदेश से जुड़ी जानकारी पर विशेष ध्यान दिया। उनके अनुसार यूपीएससी का इंटरव्यू ऐसा पड़ाव होता है, जिसमें जीवन भर की पढ़ाई, ज्ञान और अनुभव का निचोड़ आधे घंटे में सामने आ जाता है।

आईएएस बनने का सपना अभी बाकी
दर्शना सिंह ने कहा कि वह फिलहाल आईपीएस ज्वाइन करेंगी, लेकिन आईएएस बनने का सपना पूरा करने के लिए तीसरा प्रयास भी करेंगी। यदि आईएएस में चयन नहीं हो पाया, तो भी वह एक ईमानदार और बेहतर पुलिस अधिकारी बनने की पूरी कोशिश करेंगी। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि बिना रिजल्ट की चिंता किए लगातार मेहनत करने से एक दिन सफलता जरूर मिलती है।