कहा– परीक्षा में टाइम मैनेजमेंट और पॉजिटिव एटीट्यूड सबसे अहम
उत्तर बस्तर कांकेर, 11 फरवरी 2026। ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के तहत स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा कार्यशाला सह परिचर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें प्री-बोर्ड परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को कक्षा 10वीं एवं 12वीं की आगामी बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया गया।
पीएम श्री नरहरदेव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के हॉल में आयोजित कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा के दौरान टाइम मैनेजमेंट सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। समय-प्रबंधन से ही अधिक प्रश्नों का हल निर्धारित समय में किया जा सकता है। इसके साथ ही विद्यार्थियों का पॉजिटिव एटीट्यूड होना भी उतना ही जरूरी है।
कलेक्टर ने कहा कि परीक्षा के दौरान हर पल मूल्यवान होता है, इसलिए विषयवार तैयारी बेहद आवश्यक है। प्रश्न हल करते समय विद्यार्थी पहले उन प्रश्नों के उत्तर लिखें जिन्हें वे बेहतर ढंग से कर सकते हैं और उत्तर विषयांतर न हों, इसका विशेष ध्यान रखें। उन्होंने सकारात्मक सोच, नियमित अध्ययन, सही योजना और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने पर जोर दिया।
उन्होंने संयमित खानपान पर भी ध्यान देने की सलाह देते हुए बाहर के खाद्य पदार्थों से परहेज करने को कहा। कलेक्टर ने बताया कि ‘हमर लक्ष्य’ कार्यक्रम के तहत विगत वर्षों में जिले के विद्यार्थियों ने बेहतर परिणाम दिए हैं और इस वर्ष भी अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होने की अपेक्षा है।
उन्होंने जानकारी दी कि राज्य की प्रावीण्य सूची में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को जिला प्रशासन द्वारा मुंबई की हवाई यात्रा कराई जाएगी। इसके अलावा सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप, टैबलेट और स्कूटी प्रदान की जाएगी तथा शत-प्रतिशत परिणाम देने वाले विद्यालयों को 5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस दौरान कलेक्टर ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए अपने अनुभव भी साझा किए।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ श्री हरेश मंडावी ने विषयवार प्रबंधन, टाइम मैनेजमेंट और प्रश्न चयन की प्राथमिकता पर टिप्स दिए। उन्होंने तनाव मुक्त होकर आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने की सलाह दी।
मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. पल्लवी क्षीरसागर ने शिक्षा मनोविज्ञान पर आधारित मार्गदर्शन देते हुए कहा कि परीक्षा से पहले विषयों का गहन अध्ययन जरूरी है और तनाव से राहत के लिए स्वयं के लिए समय निकालना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर पुस्तकों पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया।
कार्यशाला में जिला शिक्षा अधिकारी सहित रायपुर से आए मोटिवेशनल स्पीकर्स ने भी विद्यार्थियों के संशयों का समाधान किया।




