July 31, 2026

विकसित भारत जी-राम-जी योजना का शुभारंभ, ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार और 300 रुपये दैनिक मजदूरी का लाभ

JANJGIR-CHAMPA NEWS UPDATE: जांजगीर-चांपा। विकसित भारत जी-राम-जी (VB-GRAM-G) योजना के राष्ट्रीय शुभारंभ के अवसर पर बम्हनीडीह विकासखंड के ग्राम पंचायत सोनाईडीह में जिला स्तरीय जन सम्मेलन एवं शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान आंध्र प्रदेश के तिरुपति से केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan के संबोधन और राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम का वर्चुअल प्रसारण देखा गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में गांवों के समग्र विकास और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प जनभागीदारी से ही साकार होगा।

उन्होंने बताया कि विकसित भारत जी-राम-जी योजना के तहत ग्रामीण श्रमिकों को 125 दिनों का रोजगार और प्रतिदिन 300 रुपये की मजदूरी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी और गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि योजना का क्रियान्वयन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। जल संरक्षण, जल संवर्धन और टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों का स्थायी विकास सुनिश्चित हो सके।

जिला पंचायत सदस्य मोहन कुमारी साहू ने कहा कि योजना से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे और पलायन में कमी आएगी। वहीं जनपद पंचायत अध्यक्ष मनीषा चौहान ने कहा कि योजना के माध्यम से गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार कर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।

कार्यक्रम में के.के. चंद्रा, रूपा सिंह देव, उत्तरा सिदार, अमिता लहरे, सुरेश साहू और गोकुल जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। अंत में उपस्थित लोगों ने विकसित भारत के संकल्प को साकार करने तथा गांवों के सर्वांगीण विकास में सक्रिय सहभागिता निभाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे, जनपद पंचायत के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं, ग्रामीण नागरिक और बड़ी संख्या में श्रमिक मौजूद रहे।