July 31, 2026

कबीरधाम से वीबी-जी राम जी योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ, ग्रामीणों को मिलेगा 125 दिन रोजगार और 300 रुपये दैनिक मजदूरी

KABIRDHAM NEWS UPDATE: कबीरधाम। ग्रामीण परिवारों को रोजगार और आजीविका की नई गारंटी देने वाली विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ गुरुवार को कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री Vijay Sharma मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

राष्ट्रीय स्तर पर योजना का शुभारंभ केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति से किया। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से छत्तीसगढ़ के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को भी संबोधित किया।

अपने संबोधन में Shivraj Singh Chouhan ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी गरीब व्यक्ति काम के अभाव में बेरोजगार न रहे। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से ग्रामीण श्रमिकों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा और गांवों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।

उपमुख्यमंत्री Vijay Sharma ने कहा कि यह केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि विकसित गांवों के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण का अभियान है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए 3,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे रोजगार सृजन और विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने जानकारी दी कि योजना के तहत 318 प्रकार के कार्य शामिल किए गए हैं। इनमें जल संरक्षण से जुड़े 107 कार्य, ग्रामीण अधोसंरचना के 90 कार्य, आजीविका संवर्धन के 86 कार्य और आपदा प्रबंधन से जुड़े 35 कार्य शामिल हैं। अब जॉब कार्ड के स्थान पर जीआरजी कार्ड जारी किए जाएंगे।

योजना के तहत डबरी, चेकडैम, रिचार्ज पिट, वर्षा जल संचयन, नहर लाइनिंग, ग्रामीण सड़क निर्माण, सामुदायिक पशु शेड, सोलर एवं स्ट्रीट लाइट, ग्रामीण चौपाल, हाईमास्ट लाइट, कोल्ड स्टोरेज, खाद एवं खाद्यान्न गोदाम, कृषि प्रसंस्करण केंद्र तथा हैंडलूम प्रोसेसिंग केंद्र जैसे विकास कार्य किए जा सकेंगे।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने वीबी-जी राम जी योजना के तहत प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में शेड निर्माण प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। इसके साथ ही गंडईखुर्द योजना के अंतर्गत विकास कार्य स्वीकृत होने वाली प्रदेश की पहली ग्राम पंचायत बन गई।

कार्यक्रम में पंडरिया विधायक Bhavana Bohra ने कहा कि योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा तथा अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है।

कार्यक्रम के दौरान योजना के प्रचार-प्रसार के लिए उपमुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और ग्रामीणों ने मानव श्रृंखला बनाकर जनजागरूकता का संदेश दिया। वहीं ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृहद स्तर पर पौधरोपण भी किया गया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेष पटेल, छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।